ताज़ा खबर : प्रधानमंत्री मोदी ने कहा की भारत के मुसलमानों का नागरिकता कानून से कुछ लेना-देना नहीं है
ताज़ा खबर : प्रधानमंत्री मोदी ने कहा की भारत के मुसलमानों का नागरिकता कानून से कुछ लेना-देना नहीं है

नागरिकता संशोधन बिल सदन के दोनों सदनों में पास होजाने के बाद, एक तरफ जहां देश के कुछ हिस्सों में इस बिल को लेकर ख़ुशी मनाई जा रही है तो कुछ जगह इसके खिलाफ प्रदर्शन भी किया जा रहा है। वही दूसरी तरफ नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ याचिका भी दर्ज हो गई है प्रदर्शन धीरे-धीरे हिंसात्मक होता जा रहा है और इसी वजह से नागरिकता संशोधन बिल को लेकर देश के कई हिस्सों में धारा 144 भी लागू की जा चुकी है। नागरिकता संशोधन बिल विवाद के खिलाफ देश में प्रदर्शन बहुत तेजी से बढ़ रहा है। जिसको रोकने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री ने दिल्ली के रामलीला मैदान में अपने भाषण में कहा की भारत के मुसलमानो का नागरिकता कानून से कुछ लेना-देना नहीं है। वे देश के नागरिक है और रहेंगे।

नागरिकता संशोधन बिल विवाद को लेकर देश के कई हिस्सों में लागू धारा 144

प्रधानमंत्री मोदी जी ने अपने भाषण में बोले की नागरिकता कानून 2019 देश के मुसलमानो के लिए नहीं है। नागरिकता कानून को लेकर देश के मुसलमानो को भड़काया जा रहा है वे लोग इस अफवा में नहीं आये, यह देश उनका भी है वही आखिरी में उन्होंने कहा की भारत के मुसलमानो का नागरिकता कानून से कुछ लेना-देना नहीं है।

ताज़ा खबर : प्रधानमंत्री मोदी ने कहा की भारत के मुसलमानों का नागरिकता कानून से कुछ लेना-देना नहीं है
ताज़ा खबर : प्रधानमंत्री मोदी ने कहा की भारत के मुसलमानों का नागरिकता कानून से कुछ लेना-देना नहीं है

नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ दिल्ली, उत्तरप्रदेश, उड़ीसा, कोलकाता, और उत्तरी भारत में इसकी मांग अधिक है प्रदर्शन को रोकने के लिए देश के कई हिस्सों में धारा 144 लागू कर दी गई है। दिल्ली, उड़ीसा, उत्तरप्रदेश, कर्नाटक, आदि कई देश के राज्यों में धारा 144 लागू की जा चुकी है।

वही इसके आलावा देश के कई हिस्सों में इस कानून को लेकर लोग इसके सपोर्ट में भी आ रहे है।

नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ हिंसक हुए प्रदर्शन को रोकने के लिए इससे पहले भारतीय प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी ने एक ट्वीट किया था जिसमे उन्होंने लोगो से अपील की थी उन्होंने ट्वीट में लिखा की नागरिकता संशोधन बिल के पास होने से असम के लोगो का हक नहीं छीना जायेगा इससे ना तो असम के लोगो का अधिकार और ना ही वहा के लोगो आस्मिकता छीनी जाएगी।

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