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रिलायंस जिओ ने महंगी की अपनी सेवा सर्विस जाने कितने रुपए महंगी हुई जिओ

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भारतीय टेलिकॉम में इस बार बहुत ज़्यदा कॉम्पिटिशिन देखने को मिल रहा है सभी कम्पनिया का मार्किट में कई बदलाव देखने को मिले है और वही इन सभी टेलिकॉम कम्पनियो के बीच में अगर सबसे अधिक फायदा किसी को हुआ है तो वे कस्टमर को हुआ है रिलायंस जिओ ने जबसे मार्किट में कदम रखी थी तब से ही मोबाइल डाटा और कॉलिंग सस्ती हो गई थी लेकिन अब सभी कम्पनिया ने अपनी दरों को महंगा करने का मन बना चुकी है सब्सि टेलिकॉम में कांटे की टक्कर होने की वजह से एयरटेल और वोडाफोन-आईडिया ने तो पहले ही घोषणा कर दी है की एक दिसम्बर से उनकी कीमतों में बढ़ोतरी होने वाली है अब इन सभी की घोषणा के बाद रिलायंस जिओ भी पीछे नहीं हटने जा रहा है और उसने भी अब अपनी कीमतों को बढ़ाने की घोषणा की है।

कम्पनियो की यह दरें आम-उपभोक्ताओं पर महंगी पड़ने वाली अब उनकी जेबे ढीली होने वाली है हालाँकि जिओ ने साफ़ तोर पर कहा है की जिओ अपनी डाटा पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ने देगा अब देखना यह है की क्या फैसला लेते है इन टेलिकॉम कम्पनियो को सीओ।

भारती एयरटेल और वोडाफोन आईडिया टेलीकॉम कम्पनियाँ अब आने वाले महीने 1 दिसम्बर से अपने सर्विस प्लान चार्ज को बढ़ाने की तैयारी में है इन दोनों कम्पनियो ने अपने अलग-अलग बयान में बताया की एक दिसम्बर से अपनी सर्विस बढ़ने वाले है पिछले 10 सालो बाद ऐसा पहली बार होने जा रहा है की जब टेलिकॉम कम्पनिया अपनी रेट बढ़ाने जा रही हो हालाँकि अभी तक किसी भी कम्पनी ने यह तय नहीं करी है की वे कितने रेट की बढ़ोतरी करने वाली है।

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जब से जिओ आयी है तब से टेलिकॉम कम्पनियो में घमसान मचा हुआ ही और सभी कम्पनियो में काँटे की टक्कर है जिसके लिए कोई भी कम्पनी अपनी दरें बढ़ाकर ग्राहक को खोने का खतरा मोड़ नहीं ले सकती है भारत में टेलिकॉम की रेटे दुनिया की सबसे सस्ती दरों पर उपलब्ध है।

इन सभी कपनियों की दरें बढ़ने के बाद जिओ ने भी कहा है की वह अब आने वाले कुछ हफ्तों के अंदर ही अपनी सर्विस चार्जेस में बढ़ोतरी करने वाली है जिओ की यह घोषणा ठीक एक दिन बाद आया है जब एयरटेल और वोडाफोन-आईडिया ने अपनी सर्विस चार्जेज बढ़ने की बात करि थी।

जिओ ने क्या कहा अपने बयान में

जिओ ने कहा की सभी कंपनियों की तरह मिलकर हम भी देश के हित के लिए कार्य करेंगे हम उद्योग जगत को मिलकर मजबूत करेंगे और कस्टमर को लाभ देने के लिए नियम की व्यवस्था का अनुपालन करेंगे हम अगले सप्ताह अपनी सर्विस बढ़ने के साथ इसका भी ध्यान रखेंगे की डाटा उपभोग या डिजिटिलीकरण पर बुरा प्रभाव ना पड़े और निवेश भी मजबूत बना रहे।

शेयर में तेजी वृद्धि

वोडाफोन, एयरटेल और आईडिया टेलिकॉम कम्पनियो में सोमवार के दिन बहुत तेजी से शेयरों में बढ़ोतरी बढ़ी है एक दिसम्बर से रेटो के बढ़ने की खबर के बाद में निवेदको में ख़ास उत्साह आया है सुबह 10 बजे वोडाफोन और आईडिया के शेयर 18 फीसदी बढ़कर 5.26 रुपए पहुँच गई थी वही एयरटेल कम्पनी के शेयर 5 फीसदी बढ़कर 429.10 रुपए पर ट्रैड कर रहे थे।

क्यों बढ़ा रही है टेलिकॉम कम्पनिया दरें

चालू वित्त साल की दूसरी तिमाही में टेलीकॉम सेक्टर की दो बड़ी कम्पनीओ को भारी-भरकम घाटा हुआ है वोडाफोन और आईडिया दोनों को मिला कर के 50,921 करो रुपए का घटा हुआ है भारती एयरटेल को 23,045 करोड़  चापत लगी है यह भारत में किसी भी कम्पनी को हुआ सबसे अधिक घाटा है, पिछले साल की सामान समय में कम्पनी को करीब 4,874 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था वोडाफोन  अब  निपटने के लिए वह अब सरकार के फैसले पर निर्भर करती है।

कम्पनी ने अपने बयान में आगे कहती है की एजीआर के मसले पर कोर्ट के आदेश से उद्योग पर खासा असर पड़ा है  टेलिकॉम कम्पनी से पहले टाटा मोटर्स को दिसम्बर 2018 में तिमाही के दौरान 26,961 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था।

भारत में अब तक का सबसे बड़ा तिमाही घाटा है किसी भी कम्पनी का

भारती एयरटेल को चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में अब तक का सबसे बड़ा तिमाही घाटा हुआ है 2019-20 की जुलाई-सितम्बर तिमाही  में उसे 23,045 करोड़ का घाटा हुआ है एक साल पहले की तिमाही में सामान कम्पनी को 119 करोड़ रुपए का लाभ हुआ था।

कम्पनी के शेयर में भारी गिरावट

टेलिकॉम कम्पनी के घाटे में होने की वजह से वोडाफोन और आईडिया का शेयर बाजार में 22 फीसदी तक गिर गया था इसके बाद 18.92 फीसदी गिरावट के बाद तीन रुपए के स्तर पर बंद हो गया था।

कोर्ट के फैसले के बाद टेलिकॉम कंपनीयो को लगा झटका

गौरतलब है की वोडाफोन आईडिया और भर्ती एयरटेल कम्पनी समेत अन्य टेलिकॉम कम्पनीयो को सरकार के प्रति 1.4 लाख करोड़ रुपए की देनदारी है पहले से ही घाटे में चल रही इन कम्पनीयो को सुप्रीम कोर्ट के फैसले से एक बड़ा झटका लगा है।

कर्ज चुकाने में असमर्थ है कम्पनी

नतीजों के फैसलों के एक दिन पहले आदित्य बिड़ला समूह ने कहा की समायोजित सकल राजस्व (एजीआर ) को लेकर 39,000 करोड़ रुपए से अधिक देनदारी पर बड़ी राहत नहीं देती है तो वह कम्पनी में निवेश नहीं करेगी ऐसे में वोड़ाफोफे और आईडिया दिवालिया हो जायगी बता दे की पिछले माह एजीआर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया था उसके बाद पहली बार आदित्य बिड़ला समूह के अधिकारियो ने कम्पनी को दिवालिया घोषित करने के लिए विकल्प पर सार्वजानिक बयान दिया है।

 क्या है एजीआर विवाद

टेलिकॉम कम्पनी को एजीआर का 3 प्रतिशत स्पेक्ट्रम फीस और 8 प्रतिशत लइसेंस फीस के तोर पर सरकार को देना होगा कपंनी एडीआर के अनुसार टेलिकॉम ट्रिब्यूनल 2015 के फैसले के आधार पर निर्भर करती है ट्रिब्यूनल ने उस समय बोली थी की स्थायी सम्पति की बिक्री पर लाभ, डिविडेंड और ब्याज जैसे नॉन कर स्त्रोतों से प्राप्त रेवन्यू को छोड़कर बाकि एजीआर में शामिल होगी। विदेशी मुद्रा विनिमय ( फॉरेक्स ) एड़जस्टमेन को भी एजीआर माना गया है हालंकि फसे हुए कर्ज, विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव और कबाड़ की बिक्री को एजीआर से अलग रखा गया है दूरसंचार किराय, स्थायी सम्पति की बिक्री से लाभ और कबाड़ की बिक्री से प्राप्त लाभ को भी एजीआर मानते है इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट टेलिकॉम कम्पनी से पैसे वसूलने के आदेश दी है।

किस टेलिकॉम कम्पनी पर कितना जुर्माना लगाया है सुप्रीम कोर्ट ने 

भारती एयरटेल कम्पनी को 21,682.18 करोड़ रुपए 19,823.71 करोड़ रिलायंस जिओ 16,456.47 करोड़ बीएसएनएल 2,098.72 करोड़ एमटीएनएल 2.537.48 करोड़ है दूर संचार विभाग ने सुप्रीम कोर्ट में जुलाई में हलफनामा दायर कर टेलीकॉम कम्पनीओ पर बकाया लाइसेंस फीस की जानकारी दी थी कूल 92,641.61 करोड़ रुपए बाकी बताया गया है।

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