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देश के 12 राज्यों में डेल्टा प्लस वैरियंट की दस्तक, कोरोना से ज्यादा खतरनाक है ये 
देश के 12 राज्यों में डेल्टा प्लस वैरियंट नामक वायरस आ चूका है और इसने आते ही अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है
 

नमस्कार दोस्तों पिछले दो सालों से पूरी दुनिया कोरोना संक्रमित बीमारी से जूझ रहे है। मगर अभी तक हम लोग इससे आजाद नहीं हो सके। अब आपको तो पता है इन दो सालों के अंदर कितनी बीमारियां आयी है और गई है मगर लोगो को सबसे अधिक परेशान किया है वो है कोरोना वायरस। कोरोना का इस समय देश में प्रकोप थोड़ा सा कम हुआ है लेकिन फिर भी राहत की बात नहीं है क्योंकि अब देश में कोरोना से अधिक शक्तिशाली वायरस डेल्टा प्लस वैरियंट ने दस्तक दे दी है। 

आपको बता दूँ देश के 12 राज्यों में डेल्टा प्लस वैरियंट नामक वायरस आ चूका है और इसने आते ही अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। इस पर नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑफ इम्यूनाइजेशन (एनटीएजीआई) के अध्यक्ष डॉक्टर एनके अरोरा का कहना है कि कोरोना के बाकी वैरिएंट के मुकाबले, डेल्टा प्लस वैरिएंट फेफड़ों तक जल्दी और आसानी से पहुंच जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि ये वैरिएंट ज्यादा संक्रामक है या इससे गंभीर कोरोना हो सकता है।

भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय की खबर के अनुसार देश में अब-तक लगभग 12 राज्यों में डेल्टा प्लस वैरिएंट के 51 मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। एनटीएजीआई के कोविड वर्किंग ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. एनके अरोरा ने कहा कि हालांकि डेल्टा प्लस वैरिएंट से फेफड़ो को नुकसान पहुंचता है, इसका कोई प्रमाण नहीं है।

डॉक्टर अरोरा ने कहा है कि डेल्टा प्लस वैरिएंट के प्रभाव पर स्पष्टता तब आएगी, जब इसके ज्यादा मामले सामने आएंगे। उन्होंने ये भी कहा कि यह रोग आमतौर उन सभी लोगों में हल्का होता है, जिन्हें टीके की एकल या दोहरी खुराक मिली है। हमें इस पर नजदीकी से निगरानी रखनी होगी, तभी इसके संक्रमण के बारे में उचित जानकारी मिलेगी।

डॉक्टर अरोरा ने आगे ये भी कहा कि डेल्टा प्लस वैरिएंट के और भी मामले अभी मौजूद हो सकते हैं, क्योंकि इस दौरान मरीज में कोरोना के लक्षण नहीं होते, इसलिए इस वैरिएंट के बारे में अधिक जानकारी नहीं मिलती लेकिन ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें मरीज में कोविड-19 के लक्षण तो नहीं है लेकिन उनमें डेल्टा प्लस वैरिएंट पाया गया है। उन्होंने आगे ये भी कहा कि देश में अच्छी बात यह है कि इस वैरिएंट को लेकर जीनोम सिक्वेंसिंग पहले से ही की जा रही है।

उनका कहना है की इस वैरिएंट को फैलने से रोकना है तो वैक्सीनेशन को और तेज करना होगा। हालांकि उन्होंने आगे यह भी कहा कि डेल्टा प्लस वैरिएंट तीसरी लहर का कारण बनेगा, ये कह पाना अभी जल्दबाजी होगा। डॉक्टर अरोरा ने आगे कहा कि देश में अभी भी कोरोना की दूसरी लहर जारी है और पिछले आठ से दस दिनों से दैनिक मामले 50 हजार के आस-पास ही आ रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि अगर हम वैक्सीनेशन को तेज कर देंगे, तो तीसरी लहर की संभावना कम हो जाएगी। उन्होंने आगे यह भी कहा कि कोरोना की वैक्सीन के साथ-साथ मास्क लगाना और दो गज की दूरी बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।