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नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ पहली याचिका दर्ज सुप्रीम कोर्ट में

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नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ पहली याचिका दर्ज सुप्रीम कोर्ट में
नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ पहली याचिका दर्ज सुप्रीम कोर्ट में

नागरिकता संशोधन बिल सदन को दोनों सदनों में पास हो गई है और एक तरफ जहां देश के कुछ हिस्सों में इस बिल को लेकर ख़ुशी मनाई जा रही है तो कुछ जगह इसके खिलाफ प्रदर्शन भी किया जा रहा है और अब नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ पहली याचिका सुप्रीम कोर्ट में दर्ज कराई गई है।

इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के चारो सांसदों ने मिलकर नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ पहली याचिका दर्ज कराई है सुप्रीम कोर्ट में इन्होने अपनी याचिका में कहा की धर्म के आधार पर संविधान बंटवारे की इजाजत नहीं देता है यह बिल संविधान के अनुछेद 14 के खिलाफ है इसलिए इस विधेयक को रद्द कर देना चाहिए।

नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा में पास बुधवार को राज्यसभा में पेश किया जाएगा

मुस्लिम लीग ने अपनी याचिका में लिखा है की यह बिल सबसे पहले तो संविधान का उल्लंघन करता है और साथ में ही धर्म के आधार पर बंटवारा भी संविधान के खिलाफ है यह कानून संविधान में वर्णित सेक्युलिरिजम के मूल सिद्धांतो को नुकसान पहुंचा सकता है।

नागरिकता संशोधन बिल
नागरिकता संशोधन बिल

उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस देश का विभाजन ना करती तो मुझे बिल लेकर नहीं आना पड़ता लोकसभा में शाह ने कहा मैं चाहता हूं कि देश में भ्रम की स्थिति ना बने किसी भी तरीके से यह बिल गैर संवैधानिक नहीं है ना ही यह बिल अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करता है धर्म के आधार पर ही देश का विभाजन हुआ था देश का विभाजन धर्म के आधार पर ना होता तो अच्छा होता इसके बाद इस बिल को लेकर आने की जरूरत हुई 1950 में नेहरू लियाकत समझौता भी हुआ था जो कि धरा का धरा ही रह गया।

नागरिकता बिल के खिलाफ देश के कई राज्यों में प्रदर्शन 

अमित शाह ने इस बात को आगे बढ़ाते हुए कहे की 1947 में पाकिस्तान में 23% लोग हिंदू बचे थे लेकिन वहीं साल 2011 में यह आंकड़ा सिर्फ और सिर्फ 3.4 ही कैसे रह गया वहीं पड़ोसी देशों में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार को देखते हुए भारत मूकदर्शक नहीं बन सकता है वहीं भारत में अल्पसंख्यकों की आबादी अब इतनी बढ़ गई है कि यह हिंदुओं की आबादी के प्रतिशत में कमी आई है जबकि मुस्लिम आबादी के प्रतिशत में बढ़ोतरी होती जा रही है पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों पर भारत कभी चुप नहीं बैठेगा।

अमित शाह ने अपने भाषण में यह भी कहा कि यह बिल किस धर्म के खिलाफ भेदभाव के लिए नहीं लाया गया है उन्होंने कहा कि यह बिल एक सकारात्मक भाव लेकर आया है उन लोगों के लिए जो भारत पाकिस्तान और अफगानिस्तान में प्रताड़ित है प्रताड़ना क्या होता है उस पर क्या नहीं होता दिल में संविधान के अनुच्छेद 14 21 25 का उल्लंघन बिल्कुल भी नहीं किया गया है।

अपने भाषण को आगे बढ़ाते हुए अमित शाह ने कहा था जो वोट बैंक के लिए घुसपैठियों को शरण देना चाहता है हम उन्हें सफल नहीं होने देंगे वोट के लिए घुसपैठियों को शरण देनेवाले चिंतित थे उनको को भी कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा रोहिंग्या बांग्लादेश के जरिए भारत में घुसते हैं उन्होंने कहा किसी भी रिफ्यूजी पॉलिसी ने को भारत ने कभी स्वीकार नहीं किया है पारसी भी प्रताड़ित होकर इरान से भारत आए थे कांग्रेस ने जिन्ना की डोनेशन चोरी क्यों नहीं मानी कांग्रेस ने विभाजन को क्यों नहीं रोका पियो को हमारा है और वहां के लोग भी हमारे हैं।

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