मलेरिया

Causes And Treatment Of Malaria

मलेरिया एक वाहक जनित संक्रामक जैसे रोग से फैलता है। यह सबसे प्रचलित संक्रामक रोगों में से एक है। प्रत्येक वर्ष यह विश्व में 51.5 करोड़ लोगों को प्रभावित करके छोड़ता हैं। तथा 10 से 30 लाख लोगों की मृत्यु का कारण बनता है।

यह रोग भूमध्य रेखा के आस-पास उष्णकटिबंधीय (Tropical) और उपोष्णकटिबंधीय (Subtropical) क्षेत्रों में पाया जाता है जिसमें अफ्रीका और एशिया के ज्यादातर देश शामिल हैं।

भारत में यह रोग पूरे वर्ष रहता है हालांकि मच्छर प्रजनन के कारण बारिश के दौरान और बारिश के बाद यह रोग अधिक लोगों को होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (W.H.O) के अनुसार दक्षिण पूर्व एशिया में कुल मलेरिया के मामलों में से 77 प्रतिशत मामले भारत में हैं।

Malaria क्या होता है?

आयुर्वेद में मलेरिया को विषम ज्वर कहा गया है। इसमें वात, पित्त एवं कफ तीनों दोष ही असंतुलित होकर बुखार के साथ विभिन्न लक्षणों को दिखाते हैं परन्तु इसमें मुख्यत पित्त दोष की अहम् भूमिका होती है।

विषम ज्वर में बुखार आता जाता रहता है। कभी दिन में बैठे-बैठे ही, कभी एक दिन छोड़कर तो कभी दो दिन बाद, कभी हल्का तो कभी बहुत तेज, बुखार में बहुत ठण्ड लगने के साथ कंपकंपी होती है।

आयुर्वेद में विषम ज्वर पाँच प्रकार का माना गया है जो इस इस प्रकार है।

जब एक संक्रमित मच्छर मानव को काटता है तो बीजाणु (Sporozoites) मानव रक्त में प्रवेश कर यकृत (Liver) में पहुंचते हैं और शरीर में प्रवेश करने के लगभग 30 मिनट के भीतर यकृत की कोशिकाओं को संक्रमित कर देते हैं फिर यह यकृत में अलैंगिक जनन करने लगते हैं यानि वहीं अंडा देकर और भी अंशाणु पैदा करने लगते हैं। यह चरण 6 से 15 दिन चलता है तथा इससे हजारों अंशाणु (Merozoites) बनते हैं।

जो अपनी कोशिकाओं को तोड़ कर रक्त में प्रवेश कर जाते हैं तथा लाल रक्त कोशिकाओं को संक्रमित करना शुरू कर देते हैं। यहां से रोग का दूसरा चरण शुरू होता है।

प्लासमोडियम विवाक्स (Plasmodium vivax) और प्लासमोडियम ओव्युल के कुछ बीजाणु यकृत (लीवर) को ही संक्रमित कर के रुक जाते हैं और सुप्त अवस्था में रह जाते हैं यानि निक्रिय जैसा प्रतीत होते हैं। ये 6 से 12 मास तक निक्रिय रहकर फिर अचानक सक्रिय होने लगते हैं।

लाल रक्त कोशिका में प्रवेश करके ये परजीवी खुद को फिर से गुणित करते रहते हैं, इस तरह ऐसे कई चरण चलते रहते हैं। हजारों अंशाणु जब एक साथ नई लाल रक्त कोशिकाओं को प्रभावित करते हैं।

तो मलेरिया में बुखार के दौरे आते हैं। मलेरिया परजीवी अपना लगभग पूरा जीवन यकृत की कोशिकाओं या लाल रक्त कोशिकाओं में छुप कर बिताते हैं इसलिए मानव शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र से बच जाते हैं। कुछ अंशाणु नर-मादा जननाणुओं में बदल जाते हैं और जब मच्छर काटता है तो रक्त के साथ उन्हें भी ले जाता है।

Malaria क्यों होता है?

अभी तक के चर्चा से आपको पता चल ही गया होगा कि मलेरिया होता कैसे हैं। चलिये अब बात करते हैं कि मलेरिया क्यों होता है?  मलेरिया एक प्रकार के परजीवी (Parasite) के कारण होता है जिसे प्लाज़मोडियम (Plasmodium) कहा जाता है।

प्लाज़मोडियम पैरासाइट (Plasmodium parasite) के पांच प्रकारों की वजह से ही हमारे शरीर में मलेरिया फैलता है और इनमें से मुख्यत: तीन प्रकार  ज्यादातर मलेरिया के मामलों में उत्तरदायी होते हैं जो इस प्रकार हैं।

प्लाज़मोडयम फाल्सीपैरम (Plasmodium falciparum)– यह सबसे आम प्रकार का मलेरिया परजीवी है और दुनिया भर में अधिकांशत मलेरिया रोगी की मौत प्लाज़मोडयम फाल्सीपैरम (Plasmodium falciparum) परजीवी के कारण ही होती है।

प्लाज़मोडयम विवाक्स (Plasmodium Vivax)– यह परजीवी प्लाज़मोडयम फाल्सीपैरम (Plasmodium falciparum) की तुलना में मलेरिया के हल्के लक्षणों का कारण बनता है लेकिन यह तीन साल तक लीवर में रह सकता है और इसके परिणाम स्वरूप फिर से यह रोग होता हैं।

प्लाज़मोडयम ओव्युल – यह परजीवी असामान्य है तथा आमतौर पर पश्चिम अफ्रीका में पाया जाता है। यह मलेरिया के कोई लक्षण दिखाए बिना ही कई वर्षों तक व्यक्ति के लीवर में रह सकता है।

Malaria के लक्षण

मलेरिया में बुखार होने के अलावा और भी लक्षण होते हैं जो दूसरे बुखार के समान होने के कारण अंतर करना आसान नहीं होता हैं। मलेरिया का बुखार सामान्य बुखार से अलग होता है, इसमें रोगी को प्रतिदिन या एक दिन छोड़कर बहुत तेज बुखार आता है-

-ठण्ड लगना और काँपना।

–जोड़ो में दर्द ।

–उल्टी होना या जी मिचलाना।

-शरीर में खून की कमी।

-मूत्र में खून आना।

-दौरे पड़ना।

–सिर दर्द

-मांसपेशियों में दर्द

Malaria होने पर कष्ट से राहत पाने के उपाय

आहार –

मलेरिया
मलेरिया

-चाय में तुलसी के पत्ते, काली मिर्च,दाल चीन और अदरक डाल कर पिये।

-फलों में सेब, अमरूद, पपीता, आदि रोज़ खाना चाहिए।

-दाल-चावल की खिचड़ी, दलिया, साबुदाना का सेवन करें। यह पचने में आसान तथा पौष्टिक आहार मन जाता हैं।

-रसीले फलों के साथ-साथ अंकुरित बीज, अनाज और सब्जियां भी खानी चाहिए।

-मलेरिया के रोगी को अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए।

-सादा और हल्का भोजन करना चाहिए जिसमें हरी पत्तेदार सब्जियां, उबले हुए चावल और आराम से पचने वाली चीजें हो। सब्जियों के सूप का भी सेवन करना चाहिए।

जीवनशैली

रोगी के आस-पास अधिक से अधिक सफाई रखें। कहीं पर भी पानी लंबे समय तक इकट्ठा नहीं रहने देना चाहिए।

-रोगी के कमरे में पंखा, कूलर या ए.सी. नहीं चलाना चाहिए।

-मलेरिया में बुखार आने पर रोगी को बहुत तेज सर्दी लगने लगती हैं, इसलिए रोगी को हमेशा पूरे ढके हुए और गर्म कपड़े पहन ले।

-ठण्डा पानी न पिएं तथा ठण्डी चीजों को न खाएं।

-ठण्डे पानी से न नहाएं।

-रोगी के कमरे में ए.सी. न चलाएं।

मलेरिया का घरेलू उपचार

आम तौर पर मलेरिया के बुखार के परेशानी से निजात पाने के लिए सबसे पहले घरेलू नुस्ख़ों को ही अपनाया जाता है। यहां हम पतंजली के विशेषज्ञों द्वारा पारित कुछ ऐसे घरेलू उपायों के बारे में बात करेंगे जिनके प्रयोग से बुखार को कम किया जा सकता है।

तुलसी के फायदे

मलेरिया
मलेरिया

एक छोटा टुकड़ा अदरक और 2 चम्मच किशमिश एक गिलास पानी में डाल कर उबालें, जब यह उबल कर आधा रह जाए तब इसे गुनगुना करके दिन में दो बार लें। यह बुखार को कम करने में मदद करता है।

नीम के फायदे

मलेरिया
मलेरिया

2-3 नीम के पत्ते और चार काली मिर्च लेकर एक साथ पीस लें फिर इसे थोड़े से पानी में मिलाकर उबाल लें। गुनगुना होने पर इसे छान कर पी लें।

दालचीनी के फायदे

मलेरिया
मलेरिया

-चाय में दालचीनी डालकर पिएं। दालचीनी में एक शक्तिशाली जैविक घटक सिनामेलडिहाइड (Cinnamaldehyde) पाया जाता है जिसमें एंटी-इंफ्लैमटोरी (Anti–inflammatory) गुण होते हैं और यह मलेरिया के बुखार और बदन दर्द के लक्षणों को कम करने में मदद करता है।

-एक ग्लास गर्म पानी में 5 ग्राम चिरायता, 2-3 लौंग और आधा चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाएं। इसे मिलाकर पीने से मलेरिया में होने वाला बुखार उतरने लगता है।

Read Also – मच्छरों का पनपना। ये मच्छर ही हैं मलेरिया की असली वजह। मच्छरों से खुद बचाएं। घरों के जाली दरवाजे बंद रखें।

Read Also – हर इंसान के जीवन में गुरु का बहुत महत्व होता है. कहते हैं कि ‘बिना गुरू के ज्ञान कहां’ यानी बिना गुरु के हम इस दूनिया में कुछ भी नहीं सीख सकते हैं.

 

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