भारत की ताकत

नौसेना को सौपा इसका पहला स्वदेशी विमान वाहक पोत INS विक्रांत -जानिए अब बडेगी भारत की ताकत

इस पोत के नौसेना में शामिल हो जाने से समुद्र में भारत की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी। पहले स्वदेशी विमान वाहक पोत का नाम विक्रांत भारत के पहले विमान वाहक पोत के नाम पर रखा गया है। 1971 में विक्रांत नाम के विमान वाहक पोत ने भारत की जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी।

 भारत की ताकत
भारत की ताकत

बाल्टी समय के साथ बदल रह है हमारा भारत अब भारत अपनी बड़ाने के लिए सुमन्द्रो का इस्तमाल कर रह है। इसका बोज नौसेना को दिया दिया गया है। इसके बारे में पूरी जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट news7 todays.com से जुड़े रहे यहाँ पर आपको हर रोज नई खबर पढ़ने के लिए मिलेगी।

 

कोच्चि, 29 जुलाई। हिन्द महासागर में चीन को चुनौती देने के लिए भारतीय नौसेना की ताकत में जल्द ही बड़ा इजाफा होने वाला है। इस क्रम में पहले स्वदेशी विमान वाहक युद्धपोत को कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने भारतीय नौसेना को सौंप दिया है। 45,000 टन के इस युद्धपोत को बनाने में 20,000 करोड़ का खर्च आया है।भारत की ताकत

इस काम के लिए कितना किया गया खर्च -जानिए 

वैसे हम अगर बाते करे तो भारत एक ऐसा देश है जो सबसे ज्यादा पैसे अपनी सुरक्षा के लिए करता है। अब भारत में भी अपनी सुरक्षा को और अधिक बड़ाने के लिए समुन्द्रो में भी काम करने लग गया है। भारत सरकार ने नौसेना की और देश को सुमन्द्रो से सुरक्षा के लिए
45,000 टन के युद्धपोत को बनाने में 20,000 करोड़ का खर्च किये है। भारत की ताकत

इस पोत के नौसेना में शामिल हो जाने से समुद्र में भारत की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी। पहले स्वदेशी विमान वाहक पोत का नाम विक्रांत भारत के पहले विमान वाहक पोत के नाम पर रखा गया है। 1971 में विक्रांत नाम के विमान वाहक पोत ने भारत की जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी।भारत की ताकत

आईएनएस विक्रांत की ताकत -जानिए 

पहले स्वदेशी युद्धपोत विक्रांत की लंबाई 860 फीट, चौड़ाई 203 फीट, और ऊंचाई 84 फीट है। इसका कुल क्षेत्रफल 2.5 एकड़ का है। यह युद्धपोत समुद्र में 52 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल सकता है। विक्रांत एक बार में 15,000 किलोमीटर की यात्रा करने में सक्षम है। विक्रांत पर नौसेना के 196 अधिकारी और 1,149 कर्मचारी रह सकते हैं। इस युद्धपोत को बनाने की शुरुआत वर्ष 2009 में हुई थी। 45,000 टन वजनी इस विमान वाहक पोत में लगभग 76 प्रतिशत स्वदेशी उपकरण लगे हैं।

कई तरह के घातक हथियारों से भी लैस है आईएनएस विक्रांत | अब समुन्द्र में भी बडेगी भारत की ताकत -नौसेना को सौपा इसका पहला स्वदेशी विमान वाहक पोत INS विक्रांत-जानिए | Latest Updates 

 

आईएनएस विक्रांत कई तरह के घातक हथियारों से भी लैस है, जो इसकी ताकत में भारी इजाफा करते हैं। विमान पर 4 ओटोब्रेडा 76 mm की ड्यूल पर्पज कैनन के अलावा 4 AK-630 प्वाइंट डिफेंस सिस्टम गन भी लगी है। इस युद्धपोत पर बराक जैसी घातक मिसाइल तैनात की जाएगी। साथ ही भविष्य में ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल का उन्नत वर्जन भी पोत पर तैनात किया जाएगा।भारतीय नो सेना के जवानो के लिए पोत पर एक साथ 30 लड़ाकू विमान तैनात किए जा रहे है। इससे नो सेना को बहुत फायदा मिलेगी। भारत की ताकत

यदि कोई दुश्मन हमारे भारत  सीमा के अंदर घुसने के लिए प्रयास करेंगे तो ये 30 लडको विमान उन्हें चारो और घेर का हमला कर सकते है। इससे किसी तरह का नुकसान भी नहीं होगा। वैसे मैं आपको बता दू की अधिकतर आतकवादी भारत में समुन्द्र के रास्ते से होकर अंदर आते है। भारत की ताकत

आइएनएस विक्रांत  पर MiG-29K लड़ाकू विमान और 10 Kmaov Ka-31 हेलिकॉप्टर के दो स्क्वॉड्रन तैनात हो सकते हैं। विक्रांत से एक नए डेक-आधारित लड़ाकू विमान को संचालित करने की भी योजना है, जिसे नौसेना खरीदने की योजना बना रही है। कुल मिलाकर इस पोत पर एक साथ 30 लड़ाकू विमान तैनात किए जा सकते हैं।जल्दी ही इसके नौसेना अपने जवानो को भी एक पोत पर तैनात करेंगे। जिससे भारत की सुरक्षा और भी अधिक मजबूत हो जाएगी। भारत की ताकत

 

यह भी पढ़े :-

न्यू मॉडल में बनकर आयी है मारुति ब्रेजा और हुंडई वेन्यू जानिए पूरी जानकारी | Latest Updates 2022

दिशा पाटनी-टाइगर श्रॉफ के 6 साल के रिश्ते में किस तरह आयी दरार -जानिए | Latest Updates 2022

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *