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अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से 15 लोगों की मौत, 50 घायल, 48 लोग लापता, पीएम मोदी ने की हालात की समीक्षा।

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पंचतरणी से बाबा अमरनाथ की गुफा के लिए चढ़ाई शुरू होती है। यह दूरी लगभग 6.5 किलोमीटर है। इस तरह से पहलगाँव से बाबा अमरनाथ की गुफा तक की 51 किलोमीटर की यात्रा होती है।अमरनाथ यात्रा जम्मू-कश्मीर में

गुफा के पास बादल फटने से 15 लोगों की मौत हो गई है जबकि 50 लोग घायल हो गए हैं। 48 लोग लापता बताए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद हालात की समीक्षा कर रहे हैं। इस घटना के बाद यात्रा रोक दी गई।

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श्रीनगर जम्मू-कश्मीर में गुफा के पास बादल फटने से  हुए हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई है जबकि 50 लोग घायल हैं और 48 लोग लापता बताया गया हैं। इस घटना के बाद यात्रा को रोक दिया गया है।  पीएम मोदी ने इस हादसे पर  अपना दुख जताया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद हालात की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने हरसंभव मदद मुहैया कराने का आश्वासन दिया हैं।

पवित्र अमरनाथ यात्रा के रास्ते में बड़ी दुर्घटना, गुफा से मात्र 2 KM दूर बादल फटने से 3 लंगर और 2 कैंप हुआ तबाह।

घटनास्थल पर पूरी रात राहत और बचाव कार्य जारी रखने के लिए जेन-सेट और अलास्का रोशनी का उपयोग किया जा रहा है। करीब 48 लोगों के लापता होने का अनुमान लगाया गया है,जो कि लंगर आयोजकों द्वारा प्रदान की गई संख्या के आधार पर है। क्योंकि पानी में 3 लंगर बह गये  हैं।

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बादल फटने की यह घटना आज शाम साढ़े 5 बजे हुई. एनडीआरएफ चीफ अतुल करवाल ने बताया कि।  गुफा की निचली पहुंच में शाम करीब 5.30 बजे बादल फटने की खबर मिली थी।  हमारी 1 टीम गुफा के पास तैनात रहती है। वो टीम तत्काल बचाव  के कार्य में जुट गई थी। 

गृहमंत्री अमित शाह ने उपराज्यपाल से की बात। 

इस हादसे के बाद केंद्रीय गृहमंत्री ने ट्वीट  पर लिखा है ,और जानकारी दी है कि,  बाबा अमरनाथ की गुफा के पास बादल फटने से आयी बाढ़ के संबंध में मैंने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से बात की और हालात की जानकारी ली है। NDRF, CRPF, BSF और स्थानीय प्रशासन बचाव कार्य में लगे हैं।सभी श्रद्धालुओं की कुशलता की कामना करता हूँ।

प्राथमिक तौर पर राहत और बचाव कार्य एजेंसियां इसे मध्यम स्तर का हादसा मान रही है। आइटीबीपी की दो कंपनियों के अलावा NDRF की भी दो टीमों राहत

और बचाव कार्य में तैनात हैं। टेंट के पास बचाव दल की टीमें थीं इसीलिए ज्यादा यात्रियों को बचाया जा सका है। राहत बचाव कार्य अभी जारी है। तीर्थयात्रियों के कई टेंटों में नुकसान की भी खबर है। बताया जा रहा है कि शाम करीब 5:30 बजे बादल फटा है।लोगों की जान बचाना हमारी प्राथमिकता है। अमरनाथ

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पूर्व सीएम ने जताया दुख। 

जम्मू कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने कहा, “गुफा के पास हुए दुखद बादल फटने की दुर्घटना के बारे में जानकर दुखी और स्तब्ध हूं. जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना है.” वहीं पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा, “अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने के बारे में सुनकर दुख हुआ. सभी के सुरक्षित निकलने के लिए प्रार्थना कर रहा हूं।

30 जून से शुरू हुई थी अमरनाथ यात्रा। 

यात्रा  पिछले दो वर्षों से कोरोना के कारण निलंबित थी। ये यात्रा इस साल 30 जून से शुरू हुई है। 43 दिवसीय यात्रा 11 अगस्त को समाप्त होगी।  इस वर्ष की यात्रा में लगभग तीन लाख तीर्थयात्रियों के भाग लेने की संभावना है। इस यात्रा में अब तक 65,000 से अधिक तीर्थयात्रियों ने अमरनाथ गुफा में बाबा बर्फानी  के दर्शन किए हैं।  मौसम खराब होने के कारण बीच में 2 से 3 दिन तक यात्रा को रोकना भी पड़ा है।

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हेल्पलाइन नंबर किए जारी। 

जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ गुफा के निचले इलाकों में बादल फटने के मद्देनजर आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।

एनडीआरएफ: 011-23438252, 011-23438253
कश्मीर संभागीय हेल्पलाइन: 0194-2496240
श्राइन बोर्ड हेल्पलाइन: 0194-2313149

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