Home खबर इतिहास और तथ्यों तथा आस्था की कसौटी पर अयोध्या 29 दिन लगातार...

इतिहास और तथ्यों तथा आस्था की कसौटी पर अयोध्या 29 दिन लगातार सुनवाई वाला देश का दूसरा सबसे लंबा न्यायिक मामला

66
0

सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या राम जन्म भूमि विवादों पर चल रही मैराथन सुनवाई बुधवार को खत्म होने का आसान था अब तक 39 दिनों में सुप्रीम कोर्ट ने करीब 165 घंटे तक दोनों पक्षों के दलाल एसुनी हिंदू पक्ष कार ने पहले 16 दिन में 67 घंटे 35 मिनट तक मुख्य दलीलें रखी उसके बाद मुस्लिम पक्ष ने 18 दिनों में 71 घंटे 35 मिनट तक अपना पक्ष रखा 5 दिनों में दोनों पक्ष एक दूसरे की दलीलों पर 25 घंटे 50 मिनट तक जवाबी जी रहे कर चुके हैं खास बात तो यह है कि इस केस के चलते इन वकीलों ने एक भी नया मुकदमा अपने हाथ में ले लिया है और अपने पुराने मामलों की सुनवाई आगे बढ़ाने के लिए समय-समय पर अर्जी लगाते हुए आ रहे हैं इसी के साथ देश के न्यायिक इतिहास में यह दूसरा सबसे लंबा केस चलने वाला मामला बन गया है 68 दिनों तक चला केशवानंद भारती के सबसे लंबा मुकदमा था अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू और मुस्लिम पक्षकारों के बीच सबसे ज्यादा बहस विवादित जमीन के मालिकाना हक को लेकर हुई है

ढेरों दस्तावेज एएसआई रिपोर्ट और धर्म ग्रंथों का भी हिंदू और मुस्लिम पक्षकारों ने सहारा लिया अयोध्या विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर कुल 20 याचिकाओं में रामलला विराजमान सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ऑफ निर्मोही अखाड़ा मुख्य पक्ष का है इसमें एक नया पक्षकार शिया सेंट्रल बोर्ड भी है जो विवादित जगह पर राम मंदिर को ही बनाए जाने की वकालत कर रहा है उल्लेखनीय है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने 2010 में विवादित क्षेत्र का रामलला विराजमान निर्मोही अखाड़ा और सुन्नी मार्क्सवाद के बीच बांटने का फैसला सुनाया गया था चेक केस 2011 में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था और 8 साल बाद नियमित सुनवाई शुरू हो चुकी है तो चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने स्पष्ट कर दिया है कि दलीलों और जी रहे 17 अक्टूबर तक पूरी हो जाएगी 17 नवंबर को उनका रिटायरमेंट का दिन भी है इससे पहले वह फैसला सुनाना चाहते हैं और हम लोग भी यह उम्मीद करते हैं कि 17 नवंबर से पहले फैसला आ जाएगा

सुनवाई के दौरान हिंदू पक्षकारों में रामलला विराजमान की तरफ से के प्रसारण और सीएस वेदनाथम निर्मोही अखाड़ा की ओर से सुशील जैन राम जन्मभूमि पुनरुद्धार समिति की ओर से पीएम मिश्रा ने दलीलें रखी शिया वक्फ बोर्ड के वकील एमसी बिंगारा ने भी मंदिर के पक्ष में दलीलें दी वहीं मुस्लिम पक्षकारों में सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से राजीव धवन जफरयाब जिलानी मीनाक्षी अरोड़ा शेखर ना पड़े और मोहम्मद निजाम पाशा ने दलील रखी है

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here