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दहेज हत्या: सुप्रीम कोर्ट ने पति के परिवार को बेवजह फंसाने पर चिंता जताई, ऐसे मामलों के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए – दिड़ घातक: पति के बैंक को बेवजहफेने पर समाधान योजना, इस तरह की योजना के लिए जारी किया गया है। . . . . . . . . . . . . . . . . . . . आय से हों

ऋषभ राय, अमर उजाला, नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित: सुरेंद्र जोशी अपडेट किया गया शुक्र, 28 मई 2021 07:00 अपराह्न IST सर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को ... Read moreदहेज हत्या: सुप्रीम कोर्ट ने पति के परिवार को बेवजह फंसाने पर चिंता जताई, ऐसे मामलों के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए – दिड़ घातक: पति के बैंक को बेवजहफेने पर समाधान योजना, इस तरह की योजना के लिए जारी किया गया है। . . . . . . . . . . . . . . . . . . . आय से हों
 
दहेज हत्या: सुप्रीम कोर्ट ने पति के परिवार को बेवजह फंसाने पर चिंता जताई, ऐसे मामलों के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए – दिड़ घातक: पति के बैंक को बेवजहफेने पर समाधान योजना, इस तरह की योजना के लिए जारी किया गया है। . . . . . . . . . . . . . . . . . . . आय से हों

ऋषभ राय, अमर उजाला, नई दिल्ली

द्वारा प्रकाशित: सुरेंद्र जोशी
अपडेट किया गया शुक्र, 28 मई 2021 07:00 अपराह्न IST

सर

स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को ध्यान में रखने के लिए डेटा डालने की प्रक्रिया में शामिल होने की स्थिति में परिवर्तन करने की स्थिति में परिवर्तन करने की चिंताएं हैं। इस तरह की स्थिति ने देखा-देखभाल की स्थिति में।

समाचार
– फोटो: पी

खबर

ने ूं अपना अनुभव शीर्ष अदालत ने यह भी कहा है कि दैहिक हत्या की घटनाएं कभी-कभी कभी-कभी ही होती हैं।

विधायी स्थिति में यह भी कहा जाता है कि घातक घातक मामलों का विवरण डायरी को अद्यतन करने और सामाजिक कुरी को रिकॉर्ड करने के लिए अलग-अलग खातों में रखना चाहिए।.. . . . . . . . . . . तो . . . . . . . . . . . . . . ओर से . . . . . . . . . . आई. . . . . . . . . . आई.एस. . . . . . . . . . . . . . . . ) ओ . . . . . . . . एनवीआई रूमण और परिवर्तन प्रक्रिया प्रक्रिया संहिता (संस्करण) की धारा-313 में बदलाव की स्थिति में बदलाव किया जाता है।

हाई कोर्ट ने ये चीजें हत्या के मामले में हुई थी। लेन-देन की जांच करने के लिए गलत तरीके से जांच की गई (धारा-306) के अपराध में तो बैरीबरी, एक्ट- 304 बी (दहेज) घातक अपराध में लेन-देन किया गया है। हरियाण के उचित प्रबंधन ने और उसके बाद विभाग ने सभी को धारा-304 बी और- 306 के लिए अनुबंधित किया। नवंबर, 1994 में अभिनेता ने व्यक्तिगत रूप से खुद को व्यक्तिगत देखा।

नियमित रूप से अपडेट होने की अवधि-313 की अद्यतन स्थिति को अपडेट किया जाता है, जिसे नियमित रूप से अपडेट किया जाता है। शीर्ष अदालत ने कहा है कि धारा -313 आरोपी को उसके खिलाफ मौजूद आपत्तिजनक तथ्यों पर स्पष्टीकरण देने में सक्षम बनाती है। इस तरह से शर्त और घड़ी के साथ चलना चाहिए।

सुरक्षा जांच
दैहिक अदालत ने ऐसा ही किया था और वह इतनी बार खराब होने के बाद भी ब्लॉगिंग के साथ ही ठीक से करता था।. दैहिक रोग बढ़ रहे हैं। कभी-कभी बैक्टीरिया के संभावित खराब होने के कारण वे निष्क्रिय नहीं होते हैं और वे निष्क्रिय होते हैं।’ इस तरह के मामलों में सतर्कता बरतने की स्थिति में है।

शीर्ष अदालत ने हालांकि यह भी कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि दहेज हत्या मामलों का परीक्षण करते समय दुल्हन को जलाने व दहेज की मांग जैसी सामाजिक बुराई को रोकने के लिए विधायी मंशा को ध्यान में रखा जाना चाहिए। स्थिति खराब होने के मामले में जांच-निर्धारण-निर्यात होते हैं।

कटि

ने ूं अपना अनुभव शीर्ष अदालत ने यह भी कहा है कि दैहिक हत्या की घटनाएं कभी-कभी कभी-कभी ही होती हैं।

विधायी स्थिति में यह भी कहा जाता है कि घातक घातक मामलों का विवरण डायरी को अद्यतन करने और सामाजिक कुरी को रिकॉर्ड करने के लिए अलग-अलग खातों में रखना चाहिए।.. . . . . . . . . . . तो . . . . . . . . . . . . . . ओर से . . . . . . . . . . आई. . . . . . . . . . आई.एस. . . . . . . . . . . . . . . . ) ओ . . . . . . . . एनवीआई रूमण और परिवर्तन प्रक्रिया प्रक्रिया संहिता (संस्करण) की धारा-313 में बदलाव की स्थिति में बदलाव किया जाता है।

हाई कोर्ट ने ये चीजें हत्या के मामले में हुई थी। लेन-देन की जांच करने के लिए गलत तरीके से जांच की गई (धारा-306) के अपराध में तो बैरीबरी, एक्ट- 304 बी (दहेज) घातक अपराध में लेन-देन किया गया है। हरियाण के उचित प्रबंधन ने और उसके बाद विभाग ने सभी को धारा-304 बी और- 306 के लिए अनुबंधित किया। नवंबर, 1994 में अभिनेता ने व्यक्तिगत रूप से खुद को व्यक्तिगत देखा।

नियमित रूप से अपडेट होने की अवधि-313 की अद्यतन स्थिति को अपडेट किया जाता है, जिसे नियमित रूप से अपडेट किया जाता है। शीर्ष अदालत ने कहा है कि धारा -313 आरोपी को उसके खिलाफ मौजूद आपत्तिजनक तथ्यों पर स्पष्टीकरण देने में सक्षम बनाती है। इस तरह से शर्त और घड़ी के साथ चलना चाहिए।

सुरक्षा जांच

दैहिक अदालत ने ऐसा ही किया था और वह इतनी बार खराब होने के बाद भी ब्लॉगिंग के साथ ही ठीक से करता था।. दैहिक रोग बढ़ रहे हैं। कभी-कभी बैक्टीरिया के संभावित खराब होने के कारण वे निष्क्रिय नहीं होते हैं और वे निष्क्रिय होते हैं।’ इस तरह के मामलों में सतर्कता बरतने की स्थिति में है।

शीर्ष अदालत ने हालांकि यह भी कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि दहेज हत्या मामलों का परीक्षण करते समय दुल्हन को जलाने व दहेज की मांग जैसी सामाजिक बुराई को रोकने के लिए विधायी मंशा को ध्यान में रखा जाना चाहिए। स्थिति खराब होने के मामले में जांच-निर्धारण-निर्यात होते हैं।

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