कहानी

Ek Rat pooja Bhabhi Ke Sath | एक रात पूजा भाभी के साथ

आज में एक ऐसी घटना के बारे में बताने जा रहा हु मुझे आशा हे की आप को ये मेरी कहानी पसंद आये। 

पूजा भाभी
पूजा भाभी

एक रात पूजा भाभी के साथ

ये किस्सा उस समय का है जब में कॉलेज में था उस समय मेरा एक करीबी दोस्त था जिसकी शादी हो चुकी थी लेकिन वो अभी ग्रेजुएट का ही छात्र था मेरा दोस्त जिसका नाम प्रेम था और उसकी पत्नी का नाम पूजा था हम दोनों दोस्त एक दूसरे के घर आते जाते रहते थे क्यूंकि एक ही मुहल्ले में अपना घर था तो पूजा से मिलना जुलना हो जाता था मुझे भी पता था की पूजा मुझे मन ही मन मुझे चाहती है.पूजा भाभी

मेरा दोस्त का जन्मदिन था तो उसने आसपास के लोगों के साथ मुझे भी अपने जन्मदिन पर बुलाया था मैं भी गया वहां देखा तो सभी लोग आए हैं और मेरा ही इंतजार हो रहा था मुझे देखते ही प्रेम की पत्नी पूजा मेरे पास आई उसे देख कर मुझे पहचानना भी मुस्किल हो गया उस दिन इतना सजी हुई ।

पूजा भाभी
पूजा भाभी

पूजा भाभी

पूजा भाभी उसके स्तन मानो बाहर निकलने को बेताब हैं मेरा भी मन बीचलीत हो उठा, अब समय हो चुका था केक काटने का तो सभी मिलकर केक काटे और पार्टी भी हुई.

सभी लोगों ने जमकर मद्य पदार्थ पिया लेकिन में अपने लिमिट से बाहर नहीं हुआ, प्रेम को तो इतना सभी लोगों ने पिलाया की उसे होश ही नहीं हुआ, सभी लोग अब अपने अपने घर जा रहे थे में भी प्रेम को उसके बिस्तर पर लेटा कर घर जा रहा था कि पूजा भाभी

 

तभी पूजा आ कर मुझे पीछे से लिपट जाती है और घर जाने से टोक ली, में भी मन ही मन चाहता था की आज की रात पूजा के गुजार लेता हूं हम दोनों दूसरे बेडरूम में गए और भूखी शेरनी की तरह वो मुझ पर चढ़ गई मानो कितने दिनों से प्यासी थी फिर हम दोनों ने रात भर एक दूसरे की प्यास को बुझाया.

पूजा भाभी
पूजा भाभी

सुबह में जल्दी अपने घर चल गया ताकि प्रेम को इसकी खबर न लगे, उधर जब प्रेम सुबह उठा तो वो ये सोच कर परेशान था कि कल के दिन अपने पत्नी को समय नहीं दे

सुबह उठा तो वो ये सोच कर परेशान था कि कल के दिन अपने पत्नी को समय नहीं दे पाया ये सोच कर वो पागल हो रहा था तभी उसके मन में पत्नी को बाहर ले जाएं उसने पूजा को बताया आज हम बाहर चलेंगे तो पूजा बहुत खुश हो जाती है और वहां भी मैं पहुंच गया और प्रेम और पूजा से मिला फिर इधर-उधर की बातें हुई और हम सब घर आ गए. पूजा भाभी

पति ने पत्नी को अपने दोस्त के साथ रंगे हाथ पकड़ा

अब मेटी और पूजा की हर समय फोन पर बातें होने लगी प्यार बढ़ने लगा प्रेम जब घट पर नहीं रहता था मैं उसके घर चले जाता और हम दोनों मज़े करते अब पूजा मेरे बिना उह ही नहीं पाती तो प्रेम के सामने भी कभी चाय कभी डिनर पर बुलाया करती थी अब धीरे-धीरे प्रेम को शक हो गया की कहीं पूजा और में कुछ गलत तो नहीं कर रहा है.

पूजा भाभी
पूजा भाभी

तो प्रेम ने एक चाल चली कि सुबह तो ऑफिस चला गया और पूजा मुझे कॉल कर बुला ली हम दोनों रोज की तरह एंजॉय कर रहे थे की हाफ डे की छूटी लेकर वो आ गया और हम दोनों को पकड़ लिया अक हम दोनों की नज़रे उससे मिल नहीं रही थी प्रेम भी आगबबूला हो गया और पूजा को तलाक दे दिया.पूजा भाभी

हम दोनों प्रेम के घर से निकल कर में अपने घर आया और रहने लगे कुछ दिन बाद हम दोनों के बीच छोटी छोटी बातों पर लड़ाई होने लगी। तभी मेरे मन में एक सवाल उठा की जो औरत अपने पति को अपने शारीरिक सुख के लिए उसे पीठ पीछे गदारी कर सकती है तो ये मेरे साथ क्यूं नहीं कर सकती। पूजा भाभी

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मैं पुणे का रहने वाला हु। मेरी उम्र 30 है। मैं अपनी पत्नी से बहुत ज्यादा प्यार करता हूं।

सेक्‍स को और भी मजेदार बनाने के लिए लोग कई तरीके से सेक्स करते है 

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