नई दिल्ली केंद्र सरकार के नये निर्णय के बाद लग रहा है कि दिल्ली में रहने वाले सभी मजदूर घर ही जाएंगे. लेकिन दिल्ली छोड ने की खबरों के बाद दिल्ली के व्यापारी ओर उद्योग जगत के लोगो के लिए चिंता का विषय है. अगर मज़दूर चले जाते है तो उद्योग और व्यापार का क्या होगा. मजदूरो को रोकने के लिए व्यापारी हर तरह की मदद करने के लिए तैयार है. एडवांस पगार बोनस सब कुछ लेकिन लग रहा है बहोत सारे मज़दूर दिल्ली छोड ने जा रहे है.

व्यापार जगत में व्यपारियो पर संकट आ सकता है

केंद्र सरकार सरकार ने मजदूरो विद्यार्थियों सबको अपने घर पहोचाने की तैयारी कर ली है. इसके अंतर्गत रेलवे और मार्ग परिवहन द्वारा लोगों को घर पहुंचाया जाने की तैयारी चालू है. दिल्ली सरकार ने भी मजदूरों को अपने घर पहुंचाने का वचन दिया है.

लेकिन राजधानी में मजदूरों की वापसी व्यापार उद्योग जगत में एक संकट के समान है. व्यपारियो को डर है कि जब लोकडाउन खुलेगा तब तक तो मज़दूर घर पहोच चुके होंगे तो बिना लोगो के व्यापार कैसे चलेगा. चाँदनी चौक सर्व व्यापारी मंडल के प्रमुख ने बताया कि लोकडाउन सुरु होते ही 60% मजदूर अपने वतन चले गए थे.लेकिन जैसे ही ये वापस जाने की प्रक्रिया शुरू होगी तो लगभग सभी मज़दूर दिल्ली छोड़ चुके होंगे इसमे व्यापार जगत में बहोत बड़ा संकट पैदा होगा.

मजदूरों को दिल्ली में रहना ही नही है

चावडी बाजार के व्यापारी गोपी शेठ का कहना है कि मजदूरो को कम करते रहने के लिए व्यापारी एडवांस पैसे भी दे रहे है.जिसे दुकाने खुलने के समय काम काज करने में आसानी रहे. बोनस और तनख्वाह बढ़ाने की कोशिशें चल रही है और उनको विश्वास दिलाया जा रहा है लगता है अब मजदूरों को दिल्ली में रहना ही नहीं है उन्होंने जाने का मन बना लिया है

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