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92 हजार करोड़ का हुआ घाटा वोडाफोन और एयरटेल कंपनी को कोर्ट ने रुपए वसूलने की दी इजाजत

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चालू वित्त साल की दूसरी तिमाही में टेलीकॉम सेक्टर की दो बड़ी कम्पनीओ को भारी-भरकम घाटा हुआ है वोडाफोन और आईडिया दोनों को मिला कर के 50,921 करो रुपए का घटा हुआ है भारती एयरटेल को 23,045 करोड़  चापत लगी है यह भारत में किसी भी कम्पनी को हुआ सबसे अधिक घाटा है, पिछले साल की सामान समय में कम्पनी को करीब 4,874 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था वोडाफोन  अब  निपटने के लिए वह अब सरकार के फैसले पर निर्भर करती है।

कम्पनी ने अपने बयान में आगे कहती है की एजीआर के मसले पर कोर्ट के आदेश से उद्योग पर खासा असर पड़ा है  टेलिकॉम कम्पनी से पहले टाटा मोटर्स को दिसम्बर 2018 में तिमाही के दौरान 26,961 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था।

भारत में अब तक का सबसे बड़ा तिमाही घाटा है किसी भी कम्पनी का

भारती एयरटेल को चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में अब तक का सबसे बड़ा तिमाही घाटा हुआ है 2019-20 की जुलाई-सितम्बर तिमाही  में उसे 23,045 करोड़ का घाटा हुआ है एक साल पहले की तिमाही में सामान कम्पनी को 119 करोड़ रुपए का लाभ हुआ था।

कम्पनी के शेयर में भारी गिरावट

टेलिकॉम कम्पनी के घाटे में होने की वजह से वोडाफोन और आईडिया का शेयर बाजार में 22 फीसदी तक गिर गया था इसके बाद 18.92 फीसदी गिरावट के बाद तीन रुपए के स्तर पर बंद हो गया था।

कोर्ट के फैसले के बाद टेलिकॉम कंपनीयो को लगा झटका

गौरतलब है की वोडाफोन आईडिया और भर्ती एयरटेल कम्पनी समेत अन्य टेलिकॉम कम्पनीयो को सरकार के प्रति 1.4 लाख करोड़ रुपए की देनदारी है पहले से ही घाटे में चल रही इन कम्पनीयो को सुप्रीम कोर्ट के फैसले से एक बड़ा झटका लगा है।

कर्ज चुकाने में असमर्थ है कम्पनी

नतीजों के फैसलों के एक दिन पहले आदित्य बिड़ला समूह ने कहा की समायोजित सकल राजस्व (एजीआर ) को लेकर 39,000 करोड़ रुपए से अधिक देनदारी पर बड़ी राहत नहीं देती है तो वह कम्पनी में निवेश नहीं करेगी ऐसे में वोड़ाफोफे और आईडिया दिवालिया हो जायगी बता दे की पिछले माह एजीआर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया था उसके बाद पहली बार आदित्य बिड़ला समूह के अधिकारियो ने कम्पनी को दिवालिया घोषित करने के लिए विकल्प पर सार्वजानिक बयान दिया है।

 क्या है एजीआर विवाद

टेलिकॉम कम्पनी को एजीआर का 3 प्रतिशत स्पेक्ट्रम फीस और 8 प्रतिशत लइसेंस फीस के तोर पर सरकार को देना होगा कपंनी एडीआर के अनुसार टेलिकॉम ट्रिब्यूनल 2015 के फैसले के आधार पर निर्भर करती है ट्रिब्यूनल ने उस समय बोली थी की स्थायी सम्पति की बिक्री पर लाभ, डिविडेंड और ब्याज जैसे नॉन कर स्त्रोतों से प्राप्त रेवन्यू को छोड़कर बाकि एजीआर में शामिल होगी। विदेशी मुद्रा विनिमय ( फॉरेक्स ) एड़जस्टमेन को भी एजीआर माना गया है हालंकि फसे हुए कर्ज, विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव और कबाड़ की बिक्री को एजीआर से अलग रखा गया है दूरसंचार किराय, स्थायी सम्पति की बिक्री से लाभ और कबाड़ की बिक्री से प्राप्त लाभ को भी एजीआर मानते है इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट टेलिकॉम कम्पनी से पैसे वसूलने के आदेश दी है।

किस टेलिकॉम कम्पनी पर कितनी फीस बाकि है

भारती एयरटेल कम्पनी को 21,682.18 करोड़ रुपए 19,823.71 करोड़ रिलायंस जिओ 16,456.47 करोड़ बीएसएनएल 2,098.72 करोड़ एमटीएनएल 2.537.48 करोड़ है दूर संचार विभाग ने सुप्रीम कोर्ट में जुलाई में हलफनामा दायर कर टेलीकॉम कम्पनीओ पर बकाया लाइसेंस फीस की जानकारी दी थी कूल 92,641.61 करोड़ रुपए बाकी बताया गया है।

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