शहद

 

शहद
शहद

शहद मधुमक्खियों द्वारा फूलों के रस से बनाया गया एक तरल पदार्थ है। इसे मधुमक्खियों द्वारा कई चरणों में काफी लम्बी प्रक्रिया के बाद तैयार किया जाता है। आयुर्वेद में शहद को एक औषधि का दर्जा हासिल है और अब पूरी दुनिया में लोग मिठास के लिए भी शहद का इस्तेमाल करने लगे हैं। पिछले कुछ दशकों में शहद पर हुए कई वैज्ञानिक शोध आयुर्वेद में बताए इसके गुणों  की पुष्टि करते हैं।

शहद का उपयोग किसी भी रुप में करें यह आपकी सेहत के लिए उतनी ही फायदेमंद है। बस इसके इस्तेमाल से पहले यह ज़रुर जांच लें कि उपयोग में लाया जा रहा शहद असली है या मिलावटी, क्योंकि मिलावटी शहद खाने से सेहत को कई नुकसान हो सकते हैं। शहद की क्वालिटी को लेकर लोग हमेशा असमंजस में रहते हैं। आपकी जानकरी के लिए बता दें कि असली शहद काफी गाढ़ा होता है और पानी में डालने पर यह आसानी से घुलता नहीं है बल्कि तली में जाकर जम जाता है जबकि नकली शहद पानी में जल्दी घुल जाता है।

शहद में पाए जाने वाले वाले पोषक तत्व। 

शहद ज़रूरी पोषक तत्वों, खनिजों और विटामिन का भंडार है। शहद  में मुख्य रुप में फ्रक्टोज पाया जाता है। इसके अलावा इसमें कार्बोहाइड्रेट, राइबोफ्लेविन, नायसिन, विटामिन बी-6, विटामिन सी और एमिनो एसिड भी पाए जाते हैं। एक चम्मच (21 ग्राम) शहद में लगभग 64 कैलोरी और 17 ग्राम शुगर (फ्रक्टोज, ग्लूकोज, सुक्रोज एवं माल्टोज) होता है। शहद में फैट, फाइबर और प्रोटीन बिल्कुल भी नहीं होता है।

शहद
शहद

शहद के फायदे

कटने या जलने पर

त्वचा के कटने-छिलने या जल जाने पर भी शहद का उपयोग करना बहुत लाभकारी है। शहद में मौजूद एंटीसेप्टिक गुण जले हुए हिस्से को जल्दी ठीक करते हैं और त्वचा को संक्रमण से भी बचाते हैं।

खांसी से आराम

यह खांसी से आराम दिलाने की असरदार घरेलू दवा है। शहद में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण संक्रमण को और बढ़ने से रोकते हैं साथ ही यह कफ को पतला करती है जिससे कफ आसानी से बाहर निकल जाता है। खासतौर पर जो लोग सूखी खांसी से परेशान रहते हैं उन्हें शहद से जल्दी आराम मिलता है।

वजन कम करने में सहायक

वजन या मोटापे से परेशान हैं तो शहद के सेवन से आप अपना वजन कम कर सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शहद में वसा बिल्कुल भी नहीं होता है। यह वजन को नियंत्रित रखने के साथ साथ शरीर  के कोलेस्ट्रॉल लेवल को भी कम करती है। इसलिए नियमित रूप से शहद का सेवन करें।

शहद
शहद

गले की खराश

शहद के फायदे  की लिस्ट में गले की खराश दूर करना भी शामिल है। यह खांसी और सर्दी-जुकाम से तो आराम दिलाती ही है साथ ही  गला बैठ गया है या गले में खराश है तो भी आप शहद  का सेवन करके आराम पा सकते हैं।

शहद के फायदे त्वचा के लिए

शहद के फायदे  सिर्फ पाचन और इम्युनिटी बढ़ाने तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह त्वचा में निखार लाने में भी मदद करती है। शहद में ऐसे गुण होते हैं जो आस पास की नमी को सोख लेती है और त्वचा की नमी को बरकरार रखने में मदद करती है। जिन लोगों की त्वचा बहुत रुखी होती है उन्हें अपनी त्वचा को नम बनाये रखने के लिए शहद का इस्तेमाल करना चाहिए। त्वचा में निखार लाने के लिए इसे खाने की बजाय इसे त्वचा पर लगाया जाता है। त्वचा के लिए आप कई तरीकों से शहद का इस्तेमाल कर सकते हैं।

 

शहद
शहद

मुंहासे दूर करने में उपयोगी

इसमें  मौजूद जायलोज  और सुक्रोज, वाटर एक्टिविटी को कम करते हैं और बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकते हैं। इस वजह से  मुहांसे दूर करने में काफी उपयोगी हैं।

बालों के लिए फायदेमंद

बालों के रूखेपन के कारण बाल तेजी से झड़ने लगते हैं। शहद के उपयोग से बालों की सुन्दरता बढ़ती है और उनके रुखेपन में कमी आती है। शहद में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण बालों के लिए फायदेमंद है। यह फ्री रेडिकल को हटाती हैं। और ज्यादा देर तक धूप में रहने से या किसी हानिकारक केमिकल से बालों को होने वाले नुकसान को रोकती है। शहद से बालों को सही पोषण भी मिलता है।

शहद के नुकसान और सेवन से जुड़ी सावधानियां

शहद
शहद

पराग कणों से एलर्जी वाले लोग करें परहेज

पराग कणों से एलर्जी  है तो आपको शहद के सेवन या उपयोग से परहेज करना चाहिए। शोध के अनुसार जिन लोगों को पराग कणों से एलर्जी होती है, अगर वे शहद का उपयोग करते हैं तो उनकी एलर्जी और बढ़ सकती है।

अनियंत्रित ब्लड शुगर लेवल 

लोगों का डायबिटीज नियंत्रण में है वे खाने के तौर पर शहद का सेवन कर सकते हैं। शहद के सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जिससे डायबिटीज से होने वाली समस्याओं से बचाव होता है। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि अगर आपका शुगर लेवल अनियंत्रित रहता है तो फिर शहद के सेवन से परहेज करें। मधुमेह के मरीज शहद का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह ज़रुर लें

ब्लड प्रेशर के मरीज

पहले से हाई ब्लड प्रेशर की दवाइयां ले रहे हैं तो रोजाना शहद खाने के दौरान अपना ब्लड प्रेशर ज़रुर चेक करते रहें।

समान मात्रा में घी और शहद ना लें

आयुर्वेद में घी और समान मात्रा का एक साथ सेवन ना करने की सलाह दी गयी है। आयुर्वेद में इसे विरुद्ध आहार की श्रेणी में रखा गया है। इसलिए घी के साथ शहद का समान मात्रा में सेवन ना करें।

शहद
शहद

गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान

इसके  फायदे हर उम्र के लोगों के लिए उपयोगी हैं लेकिन गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान इसका सीमित मात्रा में ही सेवन करें।  इसका Read Also –शहद ज़रूरी पोषक तत्वों, खनिजों और विटामिन का भंडार है।

Read Also –चुकंदर में कॉपर, आयरन, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम होते हैं. अधिक मात्रा में ये मिनरल्स लिवर में जाकर जमा होने। 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *