वजन

नैचुरल तरीके से बढ़ाए अपना Weight जानिए क्या करे।

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शरीर जब मोटापा से ग्रस्त हो जाता है तो अनेक बीमारियों से ग्रस्त होने की संभावना बढ़ जाती है। इसी तरह बहुत दुबला-पतला शरीर भी अस्वस्थ होने का संकेत होता है। अधिक कमजोर शरीर स्वस्थ शरीर की तुलना में जल्द रोगग्रस्त हो सकता है।

प्रायः दुबले-पतले लोग अपना वजन बढ़ाने या मोटा होने के लिए अनेक उपाय करते हैं, लेकिन उन्हें पूरी सफलता नहीं मिलती। दुबलेपन के कारण लोगों को अनेकों तरह की परेशानियां होने लगती हैं या उनको शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है।

आप अपना Weight बढ़ाने के लिए यह घरेलू उपाय कर सकते हैं।

Weight का बढ़ना क्या है?

शरीर के भार में वृद्धि को वजन बढ़ना (Weight Gain) कहते हैं। जब व्यक्ति द्वारा ग्रहण की गई कैलोरीज की तुलना में उसकी शारीरिक गतिविधि कम होती है।

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तब वजन बढ़ता है। यह शरीर में वसा या अतिरिक्त तरल पदार्थ के जमा होने से होता है। सामान्य रूप से वजन का बढ़ना कोई समस्या नहीं है। डायबिटीज  के कारण भी Weight घटता है। अवसाद में व्यक्ति का वजन बढ़ता है, लेकिन कई बार व्यक्ति में चिड़चिड़ापन एवं भूख में कमी आ जाती है, जिस कारण वजन घटता (home loss diet)  है।

छोटी आँत में परेशानी – जब आँत भोजन के जरूरी पोषक तत्वों को अवशोषित नहीं कर पाता है तो इस स्थिति को कुअवशोषण (Malabsorption) कहते हैं। इस कारण भी वजन नहीं बढ़ता है, बल्कि घटने लगता है।

पेट में अल्सर की समस्या होना – अल्सर होने पर पेट में तेज दर्द होता है और भोजन के प्रति अरूचि हो जाती है। भोजन ना करने के कारण वजन घटता है।

Weight बढ़ने का कारण

  • हार्मोनल असंतुलन के कारण।
  • शारीरिक गतिविधियों का अभाव।
  • बार-बार कुछ ना कुछ खाने की आदत।
  • थायरॉइड से संबंधित समस्या (हाइपोथायरायडिज्म (Hypothyroidism) के कारण।
  • अवसाद। अधिक तनाव में व्यक्ति को अधिक भोजन करने की आदत हो जाती है।
  • अधिक तैलीय, वसायुक्त एवं बासी भोजन जंकफूड, प्रिजरवेटिव युक्त आहार का सेवन।
  • अधिक भोजन करना, लेकिन सुस्त जीवनशैली होना। यदि आप अधिक मात्रा में, या वसायुक्त भोजन ग्रहण करते हैं, लेकिन दिन भर बैठे रहना पड़ता है, तो आपका वजन तेजी से बढ़ सकता है।

Weight बढ़ाने के घरेलू उपाय

शरीर में दोषों के घटने या बढ़ने के कारण रोगों पैदा होते हैं। आयुर्वेदीय उपचार प्राकृतिक उपचार है। यह शरीर के दोषों को संतुलित कर रोग को जड़ से खत्म करता है।

अयुर्वेदिक चिकित्सा द्वारा बढ़े हुए दोषों को कम किया जाता है, और कम हो जाने पर संतुलित किया जाता है। इसलिए वजन बढ़ाने के लिए व्यक्ति को आयुर्वेदिक उपाय करना चाहिए, जो ये हैं।

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मोटे होने की आयुर्वेदिक दवा है केला – आप मोटे होने की दवा के रूप में केले खा सकते हैं। दिन में कम से कम तीन से चार केले खाएँ। केला पौष्टिक एवं पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसे दूध या दही के साथ खा सकते हैं। यह वजन में वृद्धि करने में मदद  करता है।

दूध और शहद  – रोज नाश्ते में, और रात में सोने से पहले दूध के साथ शहद का सेवन करें। मोटे होने की दवा के रूप में दूध और शहद का इस्तेमाल उत्तम लाभ देता है। इससे वजन बढ़ता है और पाचनशक्ति भी ठीक होती है।

मोटे होने की आयुर्वेदिक दवा है बादाम, ख़ज़ूर और अंजीर – तीन से चार बादाम, खजूर और अंजीर को कूटकर दूध में डालकर उबालें। अच्छी तरह उबलने के बाद दूध को गुनगुना होने पर रोज सोने से पहले पिएँ। यह मोटे होने की आयुर्वेदिक दवा है।

वृद्धि के लिए किशमिश का सेवन

10 ग्राम किशमिश को लगभग चार घण्टे तक दूध में भिगोकर रखें। सोने से पहले इस दूध को उबाल लें। गुनगुना होने पर दूध पीकर किशमिश को खा लें। किशमिश शरीर को पुष्ट करती है, एवं तेजी से वजन बढ़ाती है।

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वृद्धि के लिए जौ का प्रयोग – आवश्यकतानुसार जौ को भीगोकर कूट-छिल लें। इस जौ का 60 ग्रा. की मात्रा को 500 ग्रा. दूध में मिलाकर खीर (home gaining diet) बनाएँँ। इसका नाश्ता दो महीने तक करें। दो महीने तक रोज इस खीर का सेवन करने से दुबले या कमजोर व्यक्ति भी मोटे हो जाते हैं।

Weight बढ़ाने के लिए सोयाबीन का प्रयोग – नाश्ते में सोयाबीन एवं अंकुरित अनाज का सेवन करें। इनमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन होता है। शरीर को मजबूत बनाने और वजन में वृद्धि के लिए इसे मोटा होने की दवा के रूप में उपयोग किया जाता है।

Weight बढ़ाने के लिए आपकी जीवनशैली

  • समय पर भोजन करें ।
  • धीरे-धीरे चबाकर भोजन खाएँ।
  • रात में जागने से बचें, और 6-7 घण्टे की भरपूर नींद लें।
  • अत्यधिक तनावयुक्त जीवनशैली से बचें।
  • नियमित रूप से प्रात प्राणायाम करें।

वजन क्यों कम होने लगता है?

आयुर्वेद के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति का स्वास्थ्य वात-पित्त-कफ के संतुलन के ऊपर निर्भर करता है। कई बार व्यक्ति में लगातार वजन घटने की समस्या देखी जाती है।

इसमें वात एवं कफ दोष मुख्य कारण है। शरीर में वात के बढ़ने एवं कफ की कमी के कारण  (weight loss) होता चला जाता है। वात की वृद्धि वातवर्धक आहार-विहार का सेवन करने के कारण होती है।

क्या दुबला-पतला होने से शरीर को रोगी माना जाए?

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कुछ लोगों में नियमित रूप से पौष्टिक खाना नहीं खाते हैं। करने के बाद भी वजन नहीं बढ़ता है, लेकिन वे स्वस्थ होते हैं। इसलिए यह कहना गलत होगा कि हर दुबला-पतला शरीर वाला व्यक्ति अस्वस्थ होते है।

Weight बढ़ाने के लिए दवाओं का सेवन करना सही है? 

आजकल बाजार में कई तरह की दवाइयाँ वजन बढ़ाने के लिए मिलती हैं, जिनमें हानिकारक स्टेरायड (Steroid) होते हैं। ऐसी दवाइयों के सेवन से वजन तो बहुत तेजी से बढ़ता है, लेकिन इससे शरीर रोगों भी होते हैं। स्टेरायड के सेवन से कई गंभीर बीमारियाँ होती हैं।

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