डेंगू

यह बीमारी क्या है?

(Dengue) एक मच्छर जनित वायरल इंफेक्शन या डिजीज है। डेंगू होने पर तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द, त्वचा पर चकत्ते आदि निकल आते हैं। बुखार (Dengue Fever) को हड्डी तोड़ बुखार (Breakbone fever) भी कहते हैं। एडीज मच्छर के काटने से Dengue होता है।

डेंगू
डेंगू

लक्षण

हल्का या गंभीर (Severe) दोनों तरह के हो सकते हैं।

ऐसे में इसके लक्षण भी अलग-अलग प्रकार के होते हैं। खासतौर से बच्चों और किशोरों में माइल्ड डेंगू होने पर कई बार कोई लक्षण दिखाई नहीं देता हैं। संक्रमित होने के बाद हल्के लक्षण चार से सात दिनों के अंदर नजर आ जाते हैं। इन लक्षणों में तेज बुखार के अलावा और भी लक्षण दिखाई देते हैं।

  • सिरदर्द
  • मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द
  • उल्टी
  • जी मिचलाना
  • आंखों में दर्द होना
  • त्वचा पर लाल चकत्ते होना
  • ग्लैंड्स में सूजन होना

कैसे और कब होता है 

डेंगू
डेंगू

डेंगू मादा एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से होता है। इन मच्छरों के शरीर पर चीते जैसी धारियां होती हैं। ये मच्छर दिन में, खासकर सुबह काटते हैं।

डेंगू बरसात के मौसम और उसके फौरन बाद के महीनों यानी जुलाई से अक्टूबर में सबसे ज्यादा फैलता है क्योंकि इस मौसम में मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल परिस्थितियां होती हैं।

एडीज इजिप्टी मच्छर बहुत ऊंचाई तक नहीं उड़ पाता।

कैसे फैलता है

डेंगू बुखार से पीड़ित मरीज के खून में डेंगू वायरस बहुत अधिक मात्रा में मिलता हैं। जब कोई एडीज मच्छर डेंगू के किसी मरीज को काटता है तो वह उस मरीज का खून चूसता है।

खून के साथ डेंगू वायरस भी मच्छर के शरीर में चला जाता है। जब डेंगू वायरस वाला वह मच्छर किसी और इंसान को काटता है तो उससे वह वायरस उस इंसान के शरीर में पहुंच जाता है, जिससे वह डेंगू वायरस जैसी बीमारी से प्रभावित हो जाता हैं।

कब दिखती है यह बीमारी 

करीब 3-5 दिनों के बाद मरीज में डेंगू बुखार के लक्षण दिखने लगते हैं। शरीर में बीमारी पनपने के कम से कम 3 से 10 दिनों के बाद भी पता चलता हैं।

कौन-से टेस्ट करवाए 

अगर तेज बुखार होता हैं , जॉइंट्स में तेज दर्द हो या शरीर पर रैशेज हों तो पहले दिन ही डेंगू का टेस्ट करा लेना चाहिए। अगर लक्षण नहीं हैं, और तेज बुखार बना रहता है तो भी एक-दो दिन के इंतजार के बाद डॉकटर के पास जाये।

शक होने पर डॉक्टर डेंगू की जांच कराएगा। डेंगू की जांच के लिए शुरुआत में एंटीजन ब्लड टेस्ट करवाए। इस टेस्ट में डेंगू शुरू में ज्यादा पॉजिटिव आता है।

जबकि बाद में धीरे-धीरे पॉजिविटी कम होने लग जाता हैं। यह टेस्ट करीब 1000 से 1500 रुपये के बीच में होता हैं। अगर तीन-चार दिन के बाद टेस्ट कराते हैं तो एंटीबॉडी टेस्ट (डेंगू सिरॉलजी) कराना बेहतर हो जाता है।

इसके लिए 600 से 1500 रुपये लिए जाते हैं। डेंगू की जांच कराते हुए वाइट ब्लड सेल्स का टोटल काउंट और अलग-अलग काउंट करा लेना चाहिए।

डेंगू
डेंगू

इस टेस्ट में प्लेटलेट्स की संख्या पता चल जाती है। टेस्ट ज्यादातर सभी अस्पतालों और लैब्स में हो जाते हैं। टेस्ट की रिपोर्ट 24 घंटे में आ जाती है। अच्छी लैब्स तो दो-तीन घंटे में भी रिपोर्ट दे देती हैं। ये टेस्ट खाली या भरे पेट, कैसे भी कराए जा सकते हैं।

बचाव का उपाय

Dengue से बचाव का सबसे पहला और सही उपाय यही है की जितना हो सके मच्छरों से बचे। घर मे या घर के आस-पास पानी जमा नही होने दे या फिर उसे एक हफ्ते मे बदल दे ताकी उसपर मच्छर पैदा ना हो।

घर के अंदर भी मच्छर भगाने वाली दवाओं का प्रयोग करें। रात मे सोते वक़्त मच्छरदानी प्रयोग ज़रूर करे, लहास कर बारिश के दिनो मे क्योकिं इसी वक़्त Dengue का प्रभाव बढ़ता है।

इन उपायों को दिन के दौरान घर के अंदर और बाहर (जैसे: काम/विद्यालय में) दोनों जगह करा जाना चाहिए क्योंकि प्राथमिक मच्छर दिन मे ही काटता है।

डेंगू
डेंगू

स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा आपातकालीन वेक्टर नियंत्रण उपायों का उपयोग किया जा सकता है जैसे कि प्रकोपों ​​के दौरान हर जगह छिड़काव के रूप में कीटनाशकों को लागू करना।

मच्छर जनित रोगों के जोखिमों पर समुदाय को शिक्षित करना ताकी वो भी इसके नुकसान को जान सके और सुरक्षित रहे।

बाहरी कंटेनरों में पानी के भंडारण के लिए उपयुक्त कीटनाशकों को लागू करे।

घरेलू इलाज

अगर आपको पता चलता है की आपको हो चुका है तो घरेलु इलाज भी आपको स्वास्थ्य होने मे मदद कर सकता है |

जैसे – : गिलोय जो की आयुर्वेदिक दवा है वो काफी फायदेमंद माना जाता है। पपीते का पत्ता का रस पीना बहुत जरूरी होता है, क्योकिं ये प्लेटलेट्स को बढाने मे मदद करता है। इसके अलावा, बकरी का दूध भी मे बहुत फायदेमंद होता है, और प्लेटलेट्स बढ़ाने मे योगदान देता है।

तुलसी और कली मिर्च आपके शरीर के लिये एंटी-बैक्टीरियल की तरह काम करता है । नारियल पानी भी अच्छा होता है और शरीर मे पानी की कमी नही होने देता साथ ही इसका फाएदा भी मिलता है।

एक बात याद रखना है की Dengue मे तेल, मसला वाला भोजन नही खाना है क्योकिं डेंगू लीवर कमजोर हो जाते है ऐसे मे चिकनाई वाले खाने लीवर के किये नुकसानदेह साबित होंगे।

आप दूध-रोटी, खिचड़ी-चोखा, दाल-रोटी या सादा दलिया अपने भोजन मे शामिल कर सकते है। चाहे तो हर्बल चाय पी सकते है और पानी की कमी शरीर मे ना होने दे, नही डीहायड्रेसन के कारण Dengue का प्रभाव बढ़ सकता है।

Read Also – डेंगू एक वायरल बिमारी है जो एक खास प्रजाति के मच्छर के काटने से फैलती है। डेंगू वायरस मुख्य रूप से एडीज एजिप्टी प्रजाति के मादा मच्छरों द्वारा फैलता है

Read Also –हॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री को तगड़ा झटका लगा है. 1972 में फिल्म द गॉडफादर (The Godfather 1972) से फेमस हुए अमेरिकन के  एक्टर जेम्स कान (James Caan) का 82 साल की उम्र में निधन हो गया हैं.

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *