किशमिश

Raisin के फायदे, उपयोग और नुकसान

Raisins के स्वाद से हर कोई वाकिफ है, लेकिन क्या आप Raisins के लाभ के बारे में जानते हैं? आपको जानकर हैरानी होगी थोड़ी कि Raisins के गुण सिर्फ इसकी मिठास तक नहीं है, बल्कि शरीर से जुड़ी कई शारीरिक समस्याओं से आराम पाने के लिए सूखी किशमिश के लाभ बोहोत हैं।

किशमिश
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हाजमा ठीक करने से लेकर, यह शरीर में ऊर्जा बढ़ाने तक का काम कर सकती है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में विस्तार से जानिए Raisins खाने के फायदे और नुकसान के बारे में। साथ ही इस बात पर भी गौर करना जरूरी है कि किशमिश के गुण लेख में शामिल बीमारियों के प्रभाव को कुछ हद तक कम करने में मदद कर सकते हैं।

किशमिश को किसी भी तरीके से बीमारी का इलाज न समझा जाए। वहीं, गंभीर स्वास्थ्य स्थिति के दौरान डॉक्टरी इलाज करवाना जरूरी है।

Raisin क्या है

Raisins, सूखे मेवों की श्रेणी में भी शामिल है, इसका नाम अंगूरों को सुखाकर तैयार किया जाता है। इस प्रक्रिया में अंगूरों को लगभग तीन हफ्तों तक धूप में सुखाकर उसका मॉइस्चर निकाला जाता है।

भारत में इसे कई नाम से जाना जाता है, जैसे हिन्दी में किशमिश अंग्रेजी में राइसिन (Raisin), तेलुगु में एंडुद्राक्षा तमिल में ऊलर धराक्षी मलयालम में उनक्कु मुन्थिरिंगा कन्नड में वोनाद्राकशी गुजराती में लाल द्राक्ष और मराठी में इसे मनुका (Manuka) के नाम से जाना जाता है। सेहत के लिए किशमिश को लाभकारी माना गया है।

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यह कई जरूरी फाइटोकेमिकल्स से समृद्ध होती है। साथ ही इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गतिविधियां भी पाई जाती हैं। शरीर के लिए यह किस प्रकार फायदेमंद हो सकती है, यह जानकारी नीचे दी गई है।

किशमिश के फायदे

एनीमिया में Raisins के फायदे – एक कारण शरीर में आयरन की कमी का होना भी है। इस समस्या में शरीर में पर्याप्त मात्रा में लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण नही हो पाता हैं, जो शरीर में ऑक्सीजन का सप्लाई करती हैं।

यहां Raisins के लाभ देखे जा सकते हैं। किसमिस को आयरन का एक समृद्ध स्रोत माना जाता है और इसलिए एनीमिया के लिए आहार में एक नाम Raisins का भी शामिल है।

हृदय के लिए Raisins के गुण – हृदय रोग से बचने में भी किसमिस खाने के फायदे मिल सकते हैं। दरअसल, एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार किशमिश खराब कोलेस्ट्रोल और एलडीएल और ट्राइग्लिसराइड को कम कर सकती है।

जिससे कोलेस्ट्रॉल की वजह से होने वाले हृदय रोग के जोखिम से बचा जा सकता है। हालांकि, इस प्रक्रिया के पीछे किशमिश के कौन से गुण काम करते हैं, यह शोध का विषय है।

कैंसर से बचाव में Raisins के फायदे – किशमिश के गुण कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचाने में मदद कर सकते हैं। दरअसल, एनसीबीआई के एक शोध एक अनुसार, किशमिश के मेथनॉल एक्सट्रैक्ट में एंटी रेडिकल और कैंसर प्रिवेंटिव गुण पाए जाते हैं, जो कोलन कैंसर से बचाव में कुछ हद तक मददगार हो सकते हैं।

वहीं, कैंसर के अन्य प्रकारों से बचाव में किशमिश किस प्रकार लाभकारी प्रभाव दिखा सकती है, इसके लिए अभी और शोध की आवश्यकता है।

पाठकों को बता दें कि किशमिश सिर्फ कैंसर से बचा सकती है, उसका इलाज नहीं कर सकती। इसलिए, कैंसर से पीड़ित व्यक्ति का डॉक्टरी से सलाह लेके इलाज करवाना ज़रूरी हैं।

ऊर्जा का स्रोत – Raisins को कार्बोहाइड्रेट का एक प्राकृतिक स्रोत माना जाता है। यह एक्सरसाइज के दौरान ब्लड ग्लूकोज का स्तर बनाए रख सकती है, जिससे शरीर में ऊर्जा का प्रवाह बरकरार रह सकता है।

इसकी पुष्टि एनसीबीआई के वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध से होती है। ऊर्जा बढ़ाने के लिए किशमिश को आहार में शामिल किया जा सकता है।

मुंह और दांतों की देखभाल करे – किशमिश मुंह और दांतों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकती है। दरअसल, संयुक्त राज्य अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ फूड एंड न्यूट्रिशन द्वारा किए गए अध्ययन से पता चलता है कि किशमिश खाने से कैविटीज से बचाव हो सकता है।

शोधकर्ताओं के अनुसार, किशमिश में फाइटोकेमिकल्स, एंटीऑक्सीडेंट और ऑलीनोलिक एसिड मौजूद होते हैं, जो उन बैक्टीरिया को पनपने से रोकने में मदद कर सकते हैं, जो डेंटल कैरीज यानी दांत खराब होने का कारण बनते हैं।

किशमिश
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इसके अलावा, किशमिश में पाए जाने वाले फाइटोकेमिकल दांतों की बेहतर स्थिति बनाए रखने के लिए मुंह में हानिकारक बैक्टीरिया जैसे म्यूटन्स स्ट्रैपटोकोकस के विकास को भी रोक सकते हैं, जो कैविटी का कारण बनते हैं।

बुखार के लिए Raisins के फायदे – शरीर में हुआ किसी प्रकार का संक्रमण बुखार का कारण बन सकता है। बुखार तब आता है जब शरीर उस संक्रमण का कारण बने बैक्टीरिया या वायरस को खत्म करने की कोशिश करता है।

ऐसे में Raisins उन बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद कर सकता है। माना जाता है कि किशमिश में एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो इन बैक्टीरिया को खत्म करने में सहायता कर सकते हैं। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

Raisin के पौष्टिक तत्व 

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
पानी15.43 ग्राम
ऊर्जा299 kcal
प्रोटीन3.07 ग्राम
फैट0.46 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट79.18 ग्राम
फाइबर3.7 ग्राम
शुगर59.19 ग्राम
मिनरल
कैल्शियम50 मिलीग्राम
आयरन1.88 मिलीग्राम
मैग्नीशियम32 मिलीग्राम
फास्फोरस101 मिलीग्राम
पोटेशियम749 मिलीग्राम
सोडियम11 मिलीग्राम
जिंक0.22 मिलीग्राम
कॉपर0.318 मिलीग्राम
सिलेनियम0.6 माइक्रोग्राम
                                              विटामिन
विटामिन-सी2.3 मिलीग्राम
थियामिन0.106 मिलीग्राम
राइबोफ्लेविन0.125 मिलीग्राम
नियासिन0.766 मिलीग्राम
विटामिन-बी 60.174 मिलीग्राम
फोलेट5 माइक्रोग्राम
कोलिन11.1 मिलीग्राम
विटामिन-ई0.12 मिलीग्राम
विटामिन-के3.5 मिक्रोग्राम
                                               लिपिड
फैटी एसिड टोटल सैचुरेटेड0.058 ग्राम
फैटी एसिड टोटल मोनोअनसैचुरेटेड0.051 ग्राम
फैटी एसिड टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड0.037 ग्राम

Raisin के उपयोग 

  • Raisins को पीनट बटर व फ्रूट सलाद के साथ मिलाकर खा सकते हैं।
  • Raisins के साथ ब्रोकली और गाजर को मिलाकर सलाद की तरह खाया जा सकता है।
  • नाश्ते में ओट्स में चीनी की जगह किशमिश का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • इसका इस्तेमाल मफिन और पैनकेक में मिठास के लिए किया जाता हैं।
  • किशमिश को सीधे ही खा सकते हैं। 
Raisin को लंबे समय तक सुरक्षित रखने का तरीका 

किशमिश को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए उसे एक हवाबंद डिब्बे में फ्रिज में रखा जा सकता है। इस तरह से Raisins को लगभग एक साल तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

इसे रखते समय इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि डिब्बे में नमी न हो। नमी रह जाने से किशमिश के सड़ने के आशंका बढ़ जाती है।

 

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