अखरोट
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इसमें  प्रचुर मात्रामें पोषक तत्व मौजूद हैं. इसमें प्रोटीन, विटामिन के साथ ही आयरन, कैल्शियम, कॉपर, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, ओमेगा-3 फैटी एसिड सहित कई अन्य तत्व भी मौजूद हैं. यह सभी हमारे शरीर को कई बीमारियों से लड़ने में मददगार करते हैं,और  शरीर को काफी फायदा भी पहुंचाते हैं।

ड्राई फ्रूट्स और नट्स स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत के लिए फायदेमंद भी होते हैं। अगर आप रोज की डाइट में इन्हें भी शामिल करते हैं, तो यह आपकी सेहत के लिए अच्छा है। बादाम, काजू, किशमिश, खजूर व अखरोट के साथ-साथ कई ऐसे ड्राई फूट्स और नट्स  हैं, जो आपको सेहतमंद बनाए रखने में मदद करते हैं। इसे एनर्जी का पावरहाउस भी कहते हैं। इसे अंग्रेजी में वॉलनट कहते हैं।

अखरोट क्या होता है?

यह एक नट है। इसे नट्स की श्रेणी में सबसे ऊपर रखा गया है, क्योंकि यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है। इसके पेड़ का वैज्ञानिक नाम जुगैलस जीनस है। एक अखरोट के फल में एक ही बीज होता है, जो स्वादिष्ट और कुरकुरा होता है। इसे कई तरह के खाद्य पदार्थ में इस्तेमाल किया जाता है, जिनमें मुख्य रूप से केक, कुकीज और एनर्जी बार आदि शामिल है। इसमें कई तरह के पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो शरीर के लिए जरूरी होते हैं।

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अखरोट के फायदे-

दिल के स्वास्थ्य के लिए

एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर पब्लिश एक वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक, अखरोट खाने के फायदे हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में मददगार साबित हो सकते हैं।इसमें  अल्फा लिनोलेनिक एसिड (ALA) पाया जाता है, जो ओमेगा-3 फैटी एसिड का ही एक रूप है। ये रक्त धमनियों  में फैट के जमाव  को रोकता है। इसमें पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड  भी होता है, जो हृदय प्रणाली के लिए फायदेमंद होता है।

कैंसर के लिए

कैंसर जैसी घातक समस्या को दूर रखने में अखरोट फायदेमंद साबित हो सकता है। एक मेडिकल रिसर्च के अनुसार, इसमें  पोलीफिनोल पाया जाता है, जो कैंसर के खतरे को कम करता है। एंटीकैंसर प्रभाव के कारण यह कैंसर के ट्यूमर को पनपने से रोक सकता है।

अखरोट
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हड्डियों के लिए

हड्डियों को मजबूती प्रदान करने के लिए भी इसका का सेवन किया जा सकता है। दरअसल, अल्फा लिनोलेनिक एसिड युक्त खाद्य पदार्थ के सेवन से हड्डियों को मजबूती मिलती है और जिन खाद्य पदार्थ में यह एसिड होता है, उनमें अखरोट भी शामिल है। इसके अलावा, इसमें  कैल्शियम और फास्फोरस भी पाया जाता हैं।

मस्तिष्क के लिए

इसमें औषधीय गुण को लेकर एक रिसर्च की गई। इस रिसर्च के मुताबिक, अखरोट में भरपूर मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है, जो मस्तिष्क के कार्य  पर लाभकारी प्रभाव डालता है। साथ ही पोलीअनसैचुरेटेड फैट यादाश्त को बढ़ाने में मदद करता है व डिप्रेशन को कम करता है।

गर्भावस्था

एक वैज्ञानिक शोध से पता चलता है कि गर्भावस्था के दौरान अखरोट का सेवन लाभकारी सिद्ध हो सकता है। इस शोध के मुताबिक इसमें  पाए जाने वाले फैटी एसिड, विटामिन-ए , ई और बी-कॉम्प्लेक्स होने वाले शिशु के मानसिक विकास में मदद कर सकते हैं। साथ ही आयरन और कैल्शियम भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो एनीमिया से बचाता है। फेनोलिक कंपाउंड (यौगिक) पाए जाते हैं।

वजन कम करने के लिए

फैट और कैलोरी से भरपूर होने के बावजूद इससे  वजन घटाने में मदद कर सकता है। इसको  भूख को नियंत्रित करता है। यह फाइबर युक्त होने के कारण फैट को कम करने में सहायक हो सकता है। इसलिए, वजन को कम करने में भी इसका का सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है। एक वैज्ञानिक अध्ययन के निष्कर्ष से यह पता लगता है।

अखरोट
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प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए

प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) के मजबूत होने पर कई बीमारियों को दूर रखने में मदद मिल सकती है। इसे मजबूत करने में इसके  के गुण सहायक साबित हो सकते हैं।  इसमें मौजूद प्रोटीन में इम्यूनोमॉड्यूलेटरी प्रभाव पाए जाता है, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत कर सकता है।

 लो ब्लड प्रेशर के लिए

जिससे हृदय से जुड़े जोखिम को दूर रखने में मदद मिल सकती है। एक शोध के अनुसार, अखरोट का सेवन उच्च रक्तचाप को कम करने का काम कर सकता हैं। ऐसे में उच्च रक्तचाप की समस्या को दूर रखना जरूरी है। इसका  सेवन करना अच्छा विकल्प साबित हो सकता है।

डायबिटीज

मधुमेय की समस्या में अखरोट का सेवन लाभकारी साबित हो सकता है। एनसीबीआई द्वारा प्रकाशित एक वैज्ञानिक शोध में बताया गया है कि अखरोट का सेवन मधुमेह की रोकथाम में मददगार हो सकता है । इसी संबंध में बीजिंग स्थिति एक यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए रिसर्च से पता चलता है कि अखरोट के पेड़ और पत्तों में एंटी-डायबिटिक प्रभाव पाए जाते हैं।

 मिर्गी से बचाव

मिर्गी की समस्या  को दूर रखने के लिए भी हो सकते हैं। दरअसल, फ्री रेडिकल्स के अधिक उत्पादन से मिर्गी और न्यूरोलॉजिकल जैसे विकारों का जोखिम बढ़ जाता है। इस समस्या को कम करने के लिए एंटीकॉन्वल्सेंट दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है। यह दवा मिर्गी के दौरे को कुछ कम कर सकती है।

अखरोट
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 पित्त की पथरी

पित्त की पथरी के इलाज में अखरोट का सेवन सहायक हो सकता है। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर पब्लिश एक वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक, अखरोट सहित कुछ नट्स में अनसैचुरेटेड फैटी एसिड, फाइबर और मिनरल पाए जाते हैं।

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