कहानी

मकान मालकिन से प्रेम और शारीरक रिश्ता | Latest Updats 2022

मकान मालकिन से प्रेम और शारीरक रिश्ता। Latest Updats 2022

 

मालकिन से प्रेम
मालकिन से प्रेम

मेने गांव में ओनली औरतों को साड़ी और लड़कियों को सूट में ही देखा था पर यह शहर में तो कुछ अलग ही नजारा था।

मेरी स्टारडिंग से दिलचस्पी आंटी भाभियों में ही रही है। शहर में बस आंटियों और भाभियों को ही ताकता रहता था।
हमेशा से ही में देखता था की किसने कैसी ब्रा पहनी है , पीछे सूट में ब्रा दिख रही है या नहीं!
या फिर ये देखता था कि किसने ब्रा नहीं पहनी है। मालकिन से प्रेम

में अब सोचता की मेरी इतनी गर्लफ्रेंड है और ये भी सोचता की बड़ी बड़ी आंटी और भाभियों को पस्त कर देता था। ये मेरी काल्पनिक दुनिया थी।मेरी मकान मालकिन शिमला आंटी है वो गोरी चिट्टी, बहुत मस्त, लंबाई करीबन 5 फीट है। उनको देखते देखते ही में बड़ा हुआ हु।मालकिन से प्रेम
मेरे घर का हुलिया बता देता हूं.
नीचे ओनली दो कमरे, रसोई और बाथरूम बना रखा था. पहले माले पर एक कमरा, एक बाथरूम और रसोई है ।

मेरी आंटी नीचे रहती थीं, हम लोग ऊपर वाले फ्लोर पर रहा करते थे।

हमारे पास टीवी नहीं था , मुझे टीवी देखना बहुत ही पसंद था बचपन से ही ।
मैं अक्सर नीचे टीवी देखने चला जाया करता था।

मेरी आंटी रोज शाम को झाड़ू लगा कर ही नहाने जाती थी।

आंटी जब भी झाड़ू लगाती थी तो पूरी नंगी होकर ही लगाया करती थी ! मैं निचे लेटकर दरवाज़े के नीचे से देखता करता था।

उनको मेरी परछाई अक्सर दिख जाया करती थी लेकिन वो कुछ नहीं बोलती। शायद उनको भी ये अच्छा लगता होगा।

एक बार मैं टीवी देखने के लिए गया मेरी आंटी बाथरूम में नहा रहीं थीं, ओनली दरवाज़ा भिड़ा रखा था. मैंने पूरी नंगी आंटी को देख लिया अपने शरीर पर लोटे से पानी ढाल रही थी।मालकिन से प्रेम
मैं तो उनको देखता रह गया था।

मेरे अंकल भी टीवी देख रहे थे ,

ऐसे करते करते देखते देखते ही मैं भी जवान होता गया था।

फिर आंटी गुमने शिमला गईं उन्होंने अपना सारा समान पैक करके छोड़ कर चली गईं।
नीचे वाला कमरा भी हमे दे गयी थी।

में एक दिन उनका सामान देख रहा था, उसमे से उनकी दो ब्रा और पैंटी मिली। मैंने देखा तो उनकी साइज़ 38 थी।

फिर जैसे जैसे टाइम बीतता गया। Latest Updats 2022

मकान मालकिन से प्रेम और शारीरक रिश्ता | Latest Updats 2022

 

 

मालकिन से प्रेम
मालकिन से प्रेम

जून का महीना था तब मेरी  मकान मालकिन भी आ गईं थी ,वोपास ही रुकने वाली थीं। में  बहुत ही ज्यादा खुश हुआ था कि मैं आज आंटी को पेल दूंगा क्योंकि मैं अकेले ही नीचे कमरे में सोया करता था। मालकिन से प्रेम

रात को खाना खाने के बाद आंटी और मैं नीचे चले गए सोने के लिए मम्मी और बहन ऊपर वाले कमसे में सोती थी।

आंटी ने मुझे बोला की मुझे कल ही निकलना होगा में तो कुछ सामान लेने ही आई हूं.

आंटी बहुत ही थकी हुई थीं तो बेड पे पड़ते ही उन्हें नींद आ गयी। और में दूसरे बेड पे लेटकर उनको निहार रहा था।

और फिर देखते देखते मुझे भी नींद आने लगी और में भी सो गया था। Latest Updats 2022

सुबह आंटी उठीं और फ्रेश होकर नहा धोकर नाश्ता करके अपने रिस्तेदारो से  मिलने चलीं गईं. और मैं उनके साथ रहने के बारे में सोचने लगा।

आंटी करीबन दो बजे आईं और फिर अपना सामान रखने लगी।
मैं भी नीचे वाले रूम में ही था कंप्यूटर पर गेम खेल रहा था।

आंटी ने मुझे टांड से सामान उतारने को कहा।
अब आंटी दुपट्टा उतारकर मेरे साथ काम करने लग गयी थी।

मालकिन से प्रेम
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काम करते करते हम पसीने से भीग भी गए थे.
आंटी की ब्रा की पट्टी भी दिखने लगी थी।

फिर मेरी आंटी ने जब अलमारी खोली तो उनकी दोनों ब्रा सामने ही उनको मिल गयी !
मेने देखते ही मेरी नजर दूसरी तरफ घुमा के काम करने लगा था।

फिर मेरी आंटी दूसरे वाले कमरे में जाकर गाना गाते काम करने लगी थी।
गाना ये था
तुम पास आए
यूं मुस्कुराए

आंटी की एक अलमारी थी गोदरेज की … वो उसे खोलना तो चाह रही थीं लेकिन दरवाजे जाम हो गया था तो वो खुल नहीं रहा था।

मेरी आंटी ने मुझे बुलाया, और वो मेरे आगे ही खड़ी रहीं और मैं उनके पीछे खड़ा होकर उनकी अलमीरा खोलने लगा. मैंने जैसे तैसे अलमीरा खोल ही दी।

मैंने फिर से आंटी को बोल दिया की खोल के दिखा दीजिए ना … में तो आपको ही देख के जवान हुआ हूं। मेने चुपके से हर चीज आपकी देखी है. ये तो आपको भी पता है. में एक बार आपकी इच्छा से देखना चाहता हूं।मालकिन से प्रेम

फिर हम्म दोनों की मर्जी से हमने एक दूसरे के साथ शारीरिक सम्बंद बना लिया था।

हम दोनों एक दूसरे से बहुत ही शर्मा रहे थे।

मालकिन से प्रेम
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आंटी मुझे लगाने लगी ,
मैंने ओनली ये बोला की आप आज मत जाओ ना।
फिर आंटी बहुत प्यार से बोली की बाबू मेरा जाना जरूरी है में आती रहूंगी, मेरा ही तो घर है।

शाम को में ही आंटी को छोड़ने जाने वाला था।
उनके बैग बहुत ही भारी थे, आंटी ने घर से बस स्टैंड तक एक गाड़ी कर ली।

शाम को 5 बजे निकलना था। मालकिन से प्रेम

मेरी आंटी गाड़ी में मुझसे सट के बैठी हुई थी। आंटी की चूची मेरी कोहनी से सट गई थी, मैं कोहनी से आंटी की चूची दबा दे रहा था।

मेरी आंटी ने ड्राइवर से किसी होटल ले चलने के लिए बोला ,

उस टाइम 6 बज रहे थे।
मैंने आंटी से कहा की होटल क्यूं?
आंटी बोलीं की बस 8 बजे जाती है।जब तक हम्म खाना वगैरा खा लेते हैं।

एक होटल में कमरा लेकर दो घंटे के लिए हम दोनों रुक गए।
रूम में जाते ही आंटी ने मुझे जोर से गले से लगा लिया था।

हम दोनों बहुत देर तक एक दूसरे के गले लगे रहे।

मेरे बिना कुछ बोले ही आंटी ने अपना सूट उतार दिया था।
उस टाइम एक ख्याल आया मुझे … चाहे रहती शिमला में … ठंडी जगह में रहती हो … पर आंटी हैं बहुत गर्म!

फिर मेने आंटी को जोर से कस कर पकड़ लिया और आंटी को किस करने लगा मेने 5 मिनट तक रेगुलर किस की और फिर आंटी भी पूरी जोश में आ चुकी थी अब आंटी से रहा नहीं जा रहा था। मेने आंटी को थोड़ा और गर्म किया फिर मुज से भी रहा नहीं गया और मेने करना शुरू किया।मालकिन से प्रेम

मुझे अच्छे से करना नहीं आता था तो आंटी ने मेरा पूरा साथ दिया और मुझे सिखाया भी जब कुछ ही देर में हम फ्री हो गए तो

आंटी ने मुझसे की पूछा अच्छा लगा मेरी जान को?
फिर मैंने कहा भी बोल दिया बहुत।

आंटी बोली की तुम शिमला आ जाना।
मैंने कहा की ठीक है।

फिर हम दोनों थोड़ी देर लेटे रहे।

मैंने कहा की एक बात बोलूं आंटी ?
“बोलो ना मेरी जान!”
एकदम यही लफ्ज़ थे आंटी के!

मालकिन से प्रेम
मालकिन से प्रेम

आंटी का करने का मन करता तो वो मुझे शिमला अपने घर बुला लेती थीं.
दो दो तीन तीन दिन मैं वही पर रुकता और आंटी के साथ खूब करता था।
और जब आंटी दिल्ली आया करती तो बहुत मौज होती थी मेरे। मालकिन से प्रेम

ये सिलसिला ऐसे ही चलता रहा चाय आंटी की उम्र हो गयी हो लेकिन वो आज भी मुझे वैसा ही मजा देती है।मालकिन से प्रेम

 

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