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इंसानियत हुई फिर शर्मसार 10 साल की बच्ची के साथ 7 लड़कों ने किया गैंगरेप 
आखिर हम गैंगरेप/बलात्कार जैसे मामलों में इतने कमजोर क्यों है? दोषी हमारे सामने है मगर हम क्या कर रहे है उसे जीने का एक मौका और दे रहे है आखिर क्यों?
 

क्या हम आज भी इंसान है ? या फिर इंसान के रूप में भेड़िये। देश को बदलने की चाहत रखने वाले क्या हम इस तरह बदलेंगे देश को या फिर और कुछ होने का तमाशा देखेंगे हम। आखिर कब तक इस देश की बहन-बेटी ऐसी गंदगी से बाहर निकलेगी। क्या सच में इंसान की मानसिकता इतनी बेकार हो गई है की एक 10 साल की बच्ची को भी नहीं छोड़ा इन्होने। क्या ये वही देश है जो औरत को देवी और बच्चियों को भगवान मनाता है। आखिर कब तक हम हाथ पर हाथ रख कर बैठेगे। क्या आज भी 21वीं सदी में हम इतने कमजोर है की हम अपने देश में से रेप/बलात्कार जैसी गन्दगी को नहीं मिटा पा रहे है। आखिर ऐसा क्यों हो रहा है। आज फिर एक ऐसी ही घटना ने मुझे पुरे जिझकोर कर रख दी है। 

हां में बात कर रहा हूँ गैंगरेप के बारे में जिसने पुरे भारत को शर्मसार कर रखा है। बात यहां हिन्दू-मुस्लिम की नहीं, बात यहाँ हमारे देश की बेटियों की हो रही है क्यों हम इतने लाचार है। क्या ये वही भारत देश जिसने सिर्फ और सिर्फ औरतों की इज्जत बचाने के लिए रामायण और महाभारत जैसे युद्ध करवा दिए। क्या आज हम इतने कमजोर हो गए है की अपनी बेटी, बहन, माँ की इज्जत भी नहीं बचा पा रहे है आखिर क्यों? पूछता हूँ में। 

अक्सर में कुछ दिनों से अपने आप से ये सवाल कर रहा हूँ क्या आज भी हमारे देश का कानून इतना कमजोर है जो गैंगरेप और बलात्कार जैसी घटना के आरोपियों को सजा देने से डरता है। आखिर क्यों क्या वजह है की हम इन आरोपियों को सजा नहीं दे पा रहे। क्या आरोपी को पकड़ने के बाद उसी सजा सुनाकर जेल में रखना क्या यही कानून है। 

सवाल बहुत से है मेरे मन/दिमाग में। क्या एक नाबालिग को बलात्कार का दोषी पाए जाने के बाद उसे बाल सुधार गृह में भेजना सही है? मुझे पता है आप में से कुछ लोग शायद 10% बोलेंगे हां ये सही है। परन्तु में उन 10 % लोगो से ये सवाल करना चाहुगा की क्या ये घटना उनके घर या परिवार में होती तो भी उनका यही जवाब होता। नहीं तब वो लोग भी उनके खिलाफ हो जायेगे। 

तो बात अब आती है की आखिर हम गैंगरेप/बलात्कार जैसे मामलों में इतने कमजोर क्यों है? दोषी हमारे सामने है मगर हम क्या कर रहे है उसे जीने का एक मौका और दे रहे है आखिर क्यों? जिसने एक 10 साल की मासूम बच्ची की जिंदगी नर्क बना दी उसको हम क्यों बचा रहे है?

कुछ समय पहले किसी ने कहा था मुझे याद नहीं ये बात किसने कही थी। उसने कहा था की ये सब लड़कियों के छोटे कपडे पहनने की वजह से हो रहा है। चलो एक बार को तो मान लिया मैंने की शायद आपकी छोटी सी बुद्धि में ये आया है की कपड़ो की वजह से इंसान की मानसिकता बदल गई है मगर उन लोगो से मेरा सवाल है की क्या वो जो छोटी-छोटी बच्चियां है उन्हें साड़ी पहनाकर घुमाये। बात इतनी सी है इंसान की मानसिकता खराब हो चुकी है और कुछ नहीं। औरत/बच्चियों को देवी मानने वाला देश ऐसी शर्मसार घटना पर उतारित हो जायगा ये कभी किसी ने सोचा भी नहीं था। 

आज का ये मामला है हरियाणा के रेवाड़ी का जहाँ पर एक मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी का चौंका देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ पर एक 10 साल की मासूम बच्ची के साथ स्कूल में गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया। इतना ही नहीं आरोपियों ने इस घटना का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

पुलिस ने 7 आरोपियों को हिरासत में लिया जायगा। जिनमे से 6 नाबालिग हैं और एक बालिग। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पांच को गिरफ्तार कर लिया है। दो अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस जगह-जगह लगी हुई है। पुलिस ने बताया कि 7 आरोपियों में से पांच आरोपी पीड़ित बच्ची के रिश्तेदार हैं।

घटना पर क्या कहा पुलिस ने 

रेवाड़ी के डीएसपी हंसराज ने बताया कि घटना की शिकायत के बाद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। मामले में सात आरोपियों में एक आरोपी को छोड़कर सभी नाबालिग हैं। इनमें से पांच तो पीड़ित बच्ची के ही रिश्तेदार हैं।

घटना में शामिल पांचों नाबालिग आरोपियों को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। बालिग आरोपी की तलाश जारी है। बच्ची की वीडियो वायरल होने के बाद परिजनों को घटना की जानकारी मिली। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई।

बताया जा रहा है मामले में बालिग आरोपी ही मुख्य साजिशकर्ता है। उसने ही नाबालिगों से घटना को अंजाम दिलवाया। मामले की शिकायत मिलने के बाद महिला थाना पुलिस ने मंगलवार रात को ही पोक्सो एक्ट, एससी/एसटी एक्ट व आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर पांचों नाबालिग आरोपियों को रात को ही हिरासत में ले लिया जबकि एक बालिग आरोपी फरार हो गया।