अपराध

एक साल में तीन बार गिरफ्तार, लाखों का ट्रांजेक्शन, पढ़ें शराब सप्लायर गैंग के हेड की कुंडली

पटना. बिहार में शराबबंदी कानून के बीच एक कड़वा सच राजधानी पटना में शराब की होम डिलीवरी को लेकर है. 2021 के नवंबर महीने में जब मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में शराबबंदी कानून की समीक्षा की गई थी तब राजधानी पटना में होम डिलीवरी का मसला उठा था और सरकार से लेकर पुलिस मुख्यालय ने शराब की होम डिलीवरी पटना में रोकने के लिए खास तौर पर निर्देश दिए थे लेकिन पटना में शराब की होम डिलीवरी करने वाले तस्कर इतने शातिर हैं कि उन्हें सरकार और पुलिस प्रशासन के आदेश और शराबबन्दी कानून की कोई परवाह नहीं है.

आपको सुनने में भले ही आपको अजूबा लग रहा होगा लेकिन है तो 100 फीसदी सच. यहां पर शराब की होम डिलीवरी में लगे माफिया और तस्कर पकड़े भी जा रहे हैं लेकिन शराब का नापाक धंधा बदस्तूर जारी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को कानून व्यवस्था के साथ साथ बिहार में लागू शराबबंदी कानून की भी समीक्षा की. मुख्यमंत्री ने एक बार फिर से बिहार में शराबबंदी कानून को सख्त बनाने को लेकर अपनी तरफ से कई निर्देश दिए लेकिन मुख्यमंत्री के तमाम निर्देशों के बावजूद राजधानी पटना में होम डिलीवरी के नापाक धंधे में कोई कमी नहीं दिख रही है.

शराब की होम डिलीवरी करने वाले एक दी नही कई गैंग ही चल रहै हैं. मामला पत्रकार नगर थाना क्षेत्र में सामने आया है. दरअसल पुलिस ने पिछले साल 2021 के मार्च महीने में शराब की होम डिलीवरी करने वाले गैंग के सरगना मणिकांत को गिरफ्तार किया था. मणिकांत के साथ एक बाइक भी जब्त की गई थी जिसका नंबर BR-21-N-1996 था लेकिन मणिकांत कुछ ही दिनों में जेल में छूट गया और फिर जून महीने में 2021 में बाइक संख्या BR-30-V-9845 के साथ पकड़ा गया लेकिन ठीक एक साल बाद पुलिस अधिकारियों के हो उस वक्त  फाख्ता हो गये जब इस साल 8 जून को मणिकांत कुमार को शराब डिलीवरी करते हुए एक बार फिर पत्रकार नगर थाने की पुलिस ने बाइक के साथ गिरफ्तार कर लिया.

इस बार उसकी बाइक का ननंम्बर BR 06 C A -7545 था. पुलिस ने जब मणिकांत के अलावा उसके साथ पकड़े गए विश्वजीत कुमार तिवारी और दूसरे सदस्यों के मोबाइल के कॉल डिटेल्स को जब खंगाला तो इस बात के पक्के सबूत मिले कि शराब के लाखों का ट्रांजैक्शन इस डिलीवरी गैंग द्वारा किया गया है लेकिन पहले से सबक लेते हुए पटना पुलिस शराब की होम डिलीवरी करने वाले मणिकांत गिरोह का पूरा खात्मा करने के लिए लग गई है. इस बार न केवल मणिकांत और उसके गिरोह के सदस्यों की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है बल्कि जिस राज्य से वह शराब मंगवाकर तस्करी करता है, वहां के शराब माफियाओं को पकड़ने की भी रणनीति पटना पुलिस ने बना ली है.

सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण सवाल यही है कि शराब की होम डिलीवरी सिस्टम को ध्वस्त करने के लिए पिछले साल नवंबर महीने में ही खुद मुख्यमंत्री और राज्य के डीजीपी ने अपनी तरफ से कई निर्देश दिए। उसके बावजूद पटना पुलिस की रणनीति इतनी ढीली क्यों रही है, हालांकि प्रशासनिक अमला लगातार कार्रवाई का दावा करने से पीछे नहीं रहता है.

Tags: Bihar Liquor Smuggling, Bihar News, PATNA NEWS

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button